रायपुर। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल बंटवारे के मुद्दे पर आज नई दिल्ली में अहम बैठक होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शामिल होंगे। दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ भी बैठक में मौजूद रहेंगे।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार को बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हुए। रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि महानदी जल विवाद को लेकर केंद्रीय जल आयोग (CWC) को पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के हित में जो भी निर्णय होगा, उसे दोनों सरकारें स्वीकार करेंगी।
महानदी जल विवाद को लेकर दोनों राज्यों के बीच पिछले कुछ वर्षों से कानूनी और तकनीकी स्तर पर चर्चा चल रही है। जुलाई 2026 में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में भी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अधिकारियों की बैठक हुई थी। उस दौरान विवाद के समाधान के लिए तकनीकी बातचीत आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया था।
इससे पहले सितंबर में मुख्यमंत्री साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। साय ने तब कहा था कि मामला केंद्रीय जल आयोग के स्तर पर आगे बढ़ रहा है और दोनों राज्य आयोग के निर्णय को स्वीकार करने पर सहमत हैं।
सिंगापुर दौरे को लेकर भी सीएम ने दी जानकारी
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री साय ने अपने प्रस्तावित सिंगापुर दौरे को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ की विकास संभावनाओं और उपलब्धियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने का अवसर होगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक दौरे के दौरान निवेशकों और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कौशल विकास, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के क्षेत्रों में संभावित सहयोग की बात भी कही।




