रायपुर। राजधानी के खम्हारडीह थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। लाभांडी स्थित रहेजा रेजीडेंसी निवासी कारोबारी तनुज अग्रवाल (35) के मोबाइल पर व्हाट्सऐप के जरिए भेजी गई एक APK फाइल के बाद उनके बैंकिंग माध्यमों से 4 लाख 15 हजार 529 रुपए निकाल लिए गए। मामले में खम्हारडीह पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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ऑटो डाउनलोड होते ही शुरू हुआ पैसों का ट्रांजैक्शन
पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, 12 सितंबर को तनुज के व्हाट्सऐप नंबर पर एक APK फाइल भेजी गई थी। मोबाइल में व्हाट्सऐप का ऑटो डाउनलोड फीचर सक्रिय होने के कारण फाइल अपने आप डाउनलोड हो गई। इसके बाद उनके बैंकिंग माध्यमों से लगातार रकम निकलने लगी।
तनुज का मोबाइल नंबर बैंक ऑफ इंडिया के क्रेडिट कार्ड और यूनियन बैंक के करंट अकाउंट से लिंक था। शिकायत के अनुसार, बैंक ऑफ इंडिया के क्रेडिट कार्ड से 69,998.97 रुपए निकाले गए, जबकि यूनियन बैंक के करंट अकाउंट से UPI के जरिए 3,45,530.95 रुपए ट्रांसफर हुए। इस तरह दोनों बैंकिंग माध्यमों से कुल 4,15,529.92 रुपए की रकम चली गई।
साइबर पोर्टल पर शिकायत के बाद FIR
ठगी की जानकारी मिलने के बाद कारोबारी ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 17 सितंबर को खम्हारडीह थाने में लिखित शिकायत दी गई। दस्तावेजों और प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने धारा 318(4) BNS के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब उस नंबर की जानकारी जुटा रही है, जिससे APK फाइल भेजी गई थी। साथ ही रकम किन बैंक खातों में पहुंची, ट्रांजैक्शन की कड़ियां क्या हैं और ठगी में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच की जा रही है। बैंकिंग रिकॉर्ड और साइबर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास जारी है।




