रायपुर। राजधानी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान योग गुरु बाबा रामदेव ने धर्मांतरण, धार्मिक भेदभाव, देश की अर्थव्यवस्था और पड़ोसी देशों में हिंदुओं की स्थिति सहित कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने सनातन संस्कृति को प्राचीन बताते हुए कहा कि समाज को अपने धर्म के मूल सिद्धांतों को समझने और उन्हें जीवन में उतारने की जरूरत है।
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बाबा रामदेव ने कहा कि सनातन समाज में कुछ स्थानों पर ऊंच-नीच और भेदभाव जैसी मानसिकता देखने को मिल सकती है, लेकिन इसे धर्म की मूल भावना से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने भगवान राम, श्रीकृष्ण, हनुमान और भगवान शिव के आदर्शों को जीवन में अपनाने की अपील करते हुए सामाजिक समरसता पर जोर दिया।
धर्मांतरण पर क्या बोले बाबा रामदेव?
धर्मांतरण के सवाल पर उन्होंने कहा कि अलग-अलग दौर में लोगों को विभिन्न तरीकों से धर्म परिवर्तन के लिए प्रभावित किए जाने के आरोप सामने आते रहे हैं। उन्होंने लालच, भय, चमत्कार और भ्रम जैसे माध्यमों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज को ऐसे मामलों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उन्होंने धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक विवाद का विषय बनाने के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, चिकित्सा और अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों को मजबूत करने की जरूरत बताई। बाबा रामदेव के अनुसार, वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश को इन सभी क्षेत्रों में मजबूत आधार तैयार करना होगा।
अभिव्यक्ति की आजादी पर भी रखी राय
महबूबा मुफ्ती के कथित बयान से जुड़े सवाल पर बाबा रामदेव ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल देश में अराजकता या अस्थिरता पैदा करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बौद्धिक अराजकता को उचित नहीं बताया।
छत्तीसगढ़ में ईसाइयों के कथित उत्पीड़न के कांग्रेस के आरोपों पर उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के व्यक्ति के साथ प्रताड़ना नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक समुदायों को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा करने के बजाय सभी नागरिकों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
भारत की आर्थिक ताकत बढ़ाने पर जोर
बाबा रामदेव ने भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर अपनी आर्थिक और रणनीतिक ताकत बढ़ानी चाहिए। उनके मुताबिक शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, चिकित्सा और अर्थव्यवस्था को मजबूत किए बिना विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा।
पड़ोसी देशों में हिंदुओं की स्थिति का मुद्दा
पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर बाबा रामदेव ने वहां हिंदुओं के साथ कथित ज्यादती की घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने ऐसी घटनाओं को मानवता के लिए गंभीर विषय बताया और सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की बात कही।
उन्होंने भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के भविष्य को लेकर एक राजनीतिक-सामाजिक विचार भी साझा किया। बाबा रामदेव ने कहा कि भविष्य में इन देशों के एक साथ आने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं और इस विचार को लेकर धैर्य रखने की बात कही।
अंत में उन्होंने कहा कि देश को धार्मिक विवादों से ऊपर उठकर विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आर्थिक मजबूती जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनके अनुसार मजबूत अर्थव्यवस्था और बेहतर सामाजिक व्यवस्था ही भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे ले जा सकती है।




