Independence day : 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के संकल्प को दोहराया। अपने भाषण में उन्होंने पिछले 10-12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों का ब्योरा दिया और देशवासियों से ‘छोटे सपने छोड़कर बड़े लक्ष्य’ अपनाने का आह्वान किया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत कभी ‘फ्रैजाइल फाइव’ (कमजोर 5) अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन अब ये सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है. उन्होंने कहा पिछले 12 सालों में भारत ने विकास की नई रफ्तार पकड़ी है. देश की यह तरक्की इसके 140 करोड़ नागरिकों के संकल्प और क्षमता से संभव हुई है.
12 सालों में हुई तरक्की का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि डिफेंस प्रोडक्शन लगभग चार गुना बढ़ा है. वहीं खादी और ग्रामोद्योग का प्रोडक्शन लगभग 5 गुना और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग लगभग सात गुना बढ़ गई है. पीएम ने बताया कि मॉडर्न रेलवे कोच का प्रोडक्शन 21 गुना बढ़ा है, जबकि मोबाइल फोन का प्रोडक्शन 33 गुना बढ़ गया है.
‘रिफॉर्म की गति करनी होगी तेज’
प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में देश भर के नागरिकों के प्रयासों की सराहना की. प्रधानमंत्री ने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के योगदान को भी सराहा. उन्होंने दलित, हाशिए पर रहने वाले समुदाय, आदिवासी, ग्रामीण और शहरी निवासी, गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और पुरुष की इसके लिए सराहना की.
पीएम मोदी ने कहा कि मैंने जो 2047 का लक्ष्य आपके सामने रखा है, हमें मिली इन उपलब्धियों के आधार पर किया है. हमें रिफॉर्म की गति को आगे बढ़ाना है. बहुत हद तक काम पूरा हो चुका है और मजबूत नींव पड़ चुकी है. पीएम मोदी ने कहा कि हमें ट्रेडिशनल सोच को रिफॉर्म करना होगा. काम के तरीकों को बदलना होगा.
‘हमारा लक्ष्य 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता’
प्रधानमंत्री ने बताया कि ऊर्जा सुरक्षा आज की जरूरत है. इसे हासिल करने का एक अहम जरिया परमाणु ऊर्जा है. संसद में SHANTI एक्ट पास होने के साथ, हमने अपने लक्ष्य को पाने के लिए एक ढांचा तैयार कर लिया है. हमारा लक्ष्य 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करना है. इस दशक में 5 परमाणु रिएक्टर काम करना शुरू कर देंगे.
पीएम मोदी ने बताया कि अब energy के बिना भी नई दुनिया को चलाना मुश्किल है. इसलिए हमें chip, AI और डेटा सेंटर के लिए बहुत बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत पड़ेगी. Energy Security हमारे समय की मांग है. इसलिए हमने पहले से ही उस दिशा में एक के बाद एक मजबूत कदम उठाए हैं.
पीएम मोदी ने ‘सप्त धारा” का किया आह्वान
पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से सप्त धारा का आवाहन किया. उन्होंने कहा कि इसकी शक्ति से देश को नई ऊंचाई तक पहुंचाएंगे. पीएम ने कहा कि कॉस्ट, क्वालिटी और मैन्यूफैक्चरिंग के मानदंडों से विश्व से ऊपर उठना पड़ेगा. ग्लोबल मार्केट में क्वालिटी के दम पर अपनी वैल्यू बढ़ाने की जरूरत है. दुनिया में किसानों के लिए बाजार खुल चुके हैं. हमारे पारंपरिक खाने, मसाले और भी जो चीजें हैं उसे ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाना है. आज का दौर एआई, इनोवेशन का है. हमें डिजिटल पब्लिक टेक्नोलॉजी का हब बनना है. मेड इन इंडिया 6जी देश के हर कोने में पहुंचे. शहरों को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ना होगा. हमें हमारे पोर्ट को डेवलपमेंट की दिशा में आगे ले जाना है.




