क्विब्डो / बोगोटा: कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में अब तक कम से कम 111 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 87 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
भूकंप के प्रचंड झटकों के कारण 1,575 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं और दर्जनों इमारतें पूरी तरह जमींदोज हो चुकी हैं। मलबे के नीचे कई अन्य लोगों के दबे होने की आशंका व्यक्त की जा रही है, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ने का अंदेशा है।
पश्चिमी कोलंबिया में युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान
भूकंप के एक दिन बाद पश्चिमी कोलंबिया के प्रमुख प्रभावित शहरों—कैली, क्विब्डो और पेरेइरा—में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। मलबे में फंसे जीवित लोगों की तलाश में बचाव दल दिन-रात जुटे हुए हैं। परिजन खुद भी ढहे हुए मकानों के मलबे से अपनों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच, नागरिकों ने लापता लोगों की जानकारी साझा करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी तैयार किए हैं।
भूकंप का केंद्र ‘चोको’ क्षेत्र: दुर्गम रास्ते और चुनौतियां
भूकंप का मुख्य केंद्र चोको (Chocó) प्रांत रहा, जिसे कोलंबिया के सबसे गरीब और उपेक्षित इलाकों में गिना जाता है। यह क्षेत्र लंबे समय से सशस्त्र विद्रोही समूहों की गतिविधियों से भी प्रभावित रहा है।
राहत एजेंसियों के अनुसार, इलाके की जटिल भौगोलिक स्थिति बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रही है। घने जंगलों और दुर्गम रास्तों के कारण कई प्रभावित इलाकों तक केवल नावों या छोटे विमानों के माध्यम से ही पहुंचा जा सकता है, जिससे सहायता सामग्री और मेडिकल टीमों को पहुंचने में समय लग रहा है।
बच्चों के लिए बनाए जा रहे ‘सुरक्षित केंद्र’
आपदा प्रबंधन एजेंसियां और गैर-सरकारी संगठन प्रभावित बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। ‘वर्ल्ड विजन कोलंबिया’ की संचार समन्वयक बारबरा मेलो ने बताया कि जिन बच्चों ने इस त्रासदी में अपने माता-पिता को खो दिया है या जो अपनों से बिछड़ गए हैं, उनके लिए सुरक्षित स्थान स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में बच्चों को भोजन व मानसिक सहारा देने के साथ-साथ खेलकूद की गतिविधियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
राष्ट्रपति ने किया प्रभावित इलाकों का दौरा
कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्डो डी ला एस्प्रीएला ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चोको की राजधानी क्विब्डो का दौरा किया। उन्होंने रात में प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और अधिकारियों को राहत व पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।



