बिलासपुर। चलती कारों की सनरूफ से बाहर निकलकर स्टंट करने और सोशल मीडिया के लिए रील बनाने की बढ़ती घटनाओं पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। नेशनल हाईवे पर युवतियों के सनरूफ से बाहर निकलकर स्टंट करने का वीडियो वायरल होने के बाद कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह को व्यक्तिगत शपथपत्र (हलफनामा) दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने पूछा है कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने क्या ठोस कदम उठाए हैं।
कोनी रोड का वीडियो बना जांच का आधार
दरअसल, कोनी-सेंदरी रोड पर चलती कार की सनरूफ खोलकर युवकों और युवतियों द्वारा स्टंट करने तथा रील बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में चलती कार से बाहर निकलकर मोबाइल से वीडियो बनाते हुए ट्रैफिक नियमों का खुला उल्लंघन दिखाई दिया।
मामले को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया और जवाब तलब किया।
राज्य सरकार ने कोर्ट को दी कार्रवाई की जानकारी
सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पुलिस लगातार मोटर वाहन अधिनियम और अन्य प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर रही है। साथ ही यह भी बताया गया कि 4 अगस्त को सामने आए ताजा मामले में एसएसपी के निर्देश पर संबंधित कार और उसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस वाहन चालक और स्टंट में शामिल युवतियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
सिर्फ आश्वासन नहीं, हलफनामा भी मांगा
हालांकि, हाईकोर्ट केवल कार्रवाई के दावे से संतुष्ट नहीं हुआ। कोर्ट ने एसएसपी रजनेश सिंह को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदमों की जानकारी भी प्रस्तुत की जाए।



