बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी और मानसिक प्रताड़ना का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। रेलवे कैंटीन में नौकरी लगाने का भरोसा देकर एक युवक से ₹1.5 लाख लेने और बाद में पैसे लौटाने की मांग पर उसे झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप उसके ही मामा और मामी पर लगा है। लगातार दबाव और प्रताड़ना से परेशान युवक ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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मस्तूरी एसडीओपी डी.आर. धृतलहरे ने बताया कि मामला थाना मस्तूरी क्षेत्र का है। मृतक राहुल साहू (22) निवासी हिर्री ने रेलवे कैंटीन में नौकरी दिलाने के भरोसे अपने मामा इंद्र कुमार उर्फ भवानी वैष्णव और मामी अंबिका वैष्णव को ₹1.5 लाख दिए थे। परिवार को उम्मीद थी कि राहुल को जल्द रोजगार मिल जाएगा, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिली।
पुलिस जांच के अनुसार, जब राहुल ने अपने पैसे वापस मांगे तो दोनों आरोपियों ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इस दौरान राहुल के साथ विवाद किया गया और उसे बार-बार पैसे मांगने पर झूठे दुष्कर्म (रेप) के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। इन घटनाओं के कारण राहुल मानसिक रूप से काफी तनाव में रहने लगा।
जांच में सामने आया कि लगातार हो रही प्रताड़ना और धमकियों से परेशान होकर राहुल ने जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया। परिजनों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने मृतक के परिजनों, परिचितों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। जांच में यह तथ्य सामने आया कि नौकरी के नाम पर रकम लेने, पैसा वापस नहीं करने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने जैसी परिस्थितियों ने राहुल को आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 तथा 3(5) के तहत मामला दर्ज किया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों में युवाओं को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी निजी व्यक्ति को बिना लिखित प्रक्रिया या वैध दस्तावेजों के बड़ी रकम देने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करनी चाहिए। साथ ही, यदि कोई व्यक्ति नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगता है या धमकी देता है, तो तत्काल पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपियों ने इसी तरह अन्य लोगों से भी नौकरी दिलाने के नाम पर रकम वसूली थी।



