बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के तीव्र विरोध के बाद BA-LLB छठे सेमेस्टर की पुनर्परीक्षा (री-एग्जाम) कराने का फैसला वापस ले लिया है। विश्वविद्यालय के इस निर्णय से छात्रों ने राहत की सांस ली है और लंबे समय से चल रहे विवाद पर फिलहाल विराम लग गया है।
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दरअसल, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुछ समय पहले छठे सेमेस्टर की परीक्षा दोबारा कराने का नोटिफिकेशन जारी किया था। इस फैसले के विरोध में बड़ी संख्या में एलएलबी के छात्र एकजुट हो गए। उनका कहना था कि पुनर्परीक्षा के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया है, जिससे तैयारी करना संभव नहीं है। छात्रों ने पहले विभागाध्यक्ष से मुलाकात कर निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
इसके बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने री-एग्जाम के फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि नोटिफिकेशन रद्द नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
छात्रों के लगातार विरोध और बढ़ते दबाव को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आखिरकार पुनर्परीक्षा संबंधी नोटिफिकेशन वापस लेने का निर्णय लिया। फैसले की घोषणा होते ही छात्रों ने इसे अपनी एकजुटता और आंदोलन की जीत बताया।
गौरतलब है कि करीब दो महीने पहले BA-LLB छठे सेमेस्टर की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया था। इस घटना की जांच के लिए विश्वविद्यालय ने पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया था। समिति ने 6 जून को अपनी जांच रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी थी। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने अचानक परीक्षा निरस्त कर री-एग्जाम कराने का आदेश जारी किया था, जिसका छात्रों ने विरोध किया।
छात्रों का तर्क था कि परीक्षा समाप्त हुए काफी समय बीत चुका है और अब दोबारा परीक्षा कराने से उनके शैक्षणिक सत्र, आगे की पढ़ाई और करियर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया।
विश्वविद्यालय प्रशासन के री-एग्जाम रद्द करने के फैसले के बाद फिलहाल छात्रों का आंदोलन समाप्त हो गया है।



