रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को हुई। पहले दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के उद्देश्य से मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और विधायक ललित चंद्राकर पिंक ई-रिक्शा में सवार होकर विधानसभा पहुंचे। इस पहल ने सत्र के पहले दिन सभी का ध्यान आकर्षित किया।
विधानसभा पहुंचने से पहले मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि पिंक ई-रिक्शा योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से कई महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर अपनी आजीविका चला रही हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक पिंक ई-रिक्शा का उपयोग करें, ताकि महिलाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें और उनकी आय में वृद्धि हो।

इधर, विधानसभा का मानसून सत्र राजनीतिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं। कांग्रेस ने पहले ही संकेत दिए हैं कि वह बिजली व्यवस्था, महंगाई और कथित ‘नकटी’ प्रकरण जैसे जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर चुकी है। विपक्ष इन विषयों पर सदन में स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी में है।
इसके अलावा कांग्रेस ने 14 जुलाई को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की भी घोषणा की है। ऐसे में आगामी दिनों में सदन की कार्यवाही के दौरान राजनीतिक टकराव और तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।
मानसून सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में सत्र की कार्यवाही को सुचारु रूप से संचालित करने और विभिन्न विधायी एवं जनहित विषयों पर चर्चा की रूपरेखा तय की गई। पाँच दिवसीय इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।



