बिलासपुर, 13 जुलाई। Murder Case : बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार की मौत अब महज संदिग्ध मौत का मामला नहीं रह गई है। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए संस्थान के जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस हत्या समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है और फरार बताए जा रहे चार नाबालिगों की तलाश जारी है।
हाथ-पैर बांधकर हत्या का आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि नरेंद्र कुमार खाण्डे के हाथ-पैर गमछे से बांध दिए गए थे। उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और गला दबाकर हत्या कर दी गई। परिजनों का यह भी दावा है कि उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया था। उन्होंने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वारदात के बाद हुए फरार चार नाबालिग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बाल संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध चार नाबालिगों पर इस घटना में शामिल होने का संदेह है। बताया जा रहा है कि इनमें तीन रायगढ़ और एक कोरबा जिले का रहने वाला है। चारों गंभीर अपराधों के मामलों में यहां रखे गए थे और घटना के बाद उनके फरार होने की सूचना है। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
मौके पर कलेक्टर, SSP और फॉरेंसिक टीम
घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का कहना है कि नरेंद्र कुमार खाण्डे लंबे समय से तबादले की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि समय रहते कार्रवाई होती तो यह दुखद घटना टाली जा सकती थी।
जांच जारी
पुलिस ने कहा है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। फिलहाल हत्या की आशंका सहित सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है। अधिकारियों ने लोगों से अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचने और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी का इंतजार करने की अपील की है।



