रायपुर, 04 जुलाई। Chintan Shivir 3.0 : छत्तीसगढ़ के भविष्य की विकास रणनीति, सुशासन और प्रशासनिक सुधारों को नई दिशा देने के उद्देश्य से ‘चिंतन शिविर 3.0’ का शनिवार से शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित आईआईएम (IIM) परिसर में आयोजित दो दिवसीय शिविर का उद्घाटन किया। शिविर में मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य, मुख्य सचिव, वरिष्ठ आईएएस-आईपीएस अधिकारी और विभिन्न विभागों के शीर्ष अधिकारी शामिल हो रहे हैं।
इस बार चिंतन शिविर का मुख्य फोकस ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन, गुड गवर्नेंस, प्रशासनिक दक्षता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहेगा।
AI और गुड गवर्नेंस पर रहेगा विशेष फोकस
शिविर में प्रशासन को अधिक आधुनिक, तकनीक-आधारित और नागरिक-केंद्रित बनाने पर विशेष चर्चा होगी। अधिकारियों और मंत्रियों को AI के बढ़ते उपयोग, डिजिटल गवर्नेंस, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली और बेहतर प्रशासनिक मॉडल की जानकारी भी दी जाएगी।
इन क्षेत्रों पर बनेगी भविष्य की रणनीति
दो दिनों तक चलने वाले इस मंथन में- विकसित छत्तीसगढ़ का विजन। सुशासन और प्रशासनिक दक्षता। कृषि और ग्रामीण विकास।उद्योग और निवेश। पर्यटन। नवाचार और डिजिटल गवर्नेंस। AI और उभरती तकनीक। विभागीय समन्वय और जनहितकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।
राष्ट्रीय विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन
शिविर के पहले दिन गौर गोपाल दास, अभय करंदीकर और डॉ. रमेश चंद विशेष सत्रों को संबोधित करेंगे। दूसरे दिन ओलंपियन गगन नारंग, सुमन बिल्ला, शशांक मणि त्रिपाठी और डॉ. विनय सहस्रबुद्धे अपने अनुभव और विचार साझा करेंगे।
सरकार का उद्देश्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना और शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाना है।



