रायपुर। राजधानी के चर्चित नाव्या मलिक ड्रग्स सिंडिकेट मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो गई है। एजेंसी ड्रग्स कारोबार से जुड़े मनी ट्रेल, आर्थिक लेन-देन और पूरे नेटवर्क की जांच करेगी। जानकारी के मुताबिक, ED ने रायपुर पुलिस से चार्जशीट और जांच से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं।
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पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, नाव्या मलिक का संपर्क शहर के कई कारोबारी, इवेंट आयोजकों और हाई-प्रोफाइल लोगों से था। जांच में दावा किया गया है कि दिल्ली से ड्रग्स मंगाकर रायपुर के कई होटल, पब और टेक्नो पार्टियों में इसकी सप्लाई की जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, दिल्ली का एक कथित सप्लायर, जिसे नेटवर्क में ‘टोयोटा’ के नाम से जाना जाता था, ड्रग्स उपलब्ध कराता था। गिरफ्तार आरोपी मोनू बिश्नोई ने पूछताछ में बताया कि वह कई बार ड्रग्स की खेप रायपुर लाकर नाव्या और उसके नेटवर्क तक पहुंचा चुका था।
चार्जशीट में यह भी उल्लेख है कि जांच के दौरान कुछ कारोबारी और इवेंट आयोजकों के नाम सामने आए, जिनसे पुलिस ने पूछताछ की। हालांकि, केवल नाम सामने आने का अर्थ किसी व्यक्ति का दोषी होना नहीं है और इनमें से सभी को आरोपी नहीं बनाया गया है। मामले की जांच अभी जारी है।
पुलिस के अनुसार, नाव्या मलिक को अगस्त 2025 में मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर हाई-प्रोफाइल पार्टियों और निजी आयोजनों में ड्रग्स की सप्लाई करती थी। उसके मंगेतर अयान परवेज को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। चार्जशीट में दावा किया गया है कि अयान द्वारा दी गई सूचना के आधार पर पुलिस ड्रग्स नेटवर्क तक पहुंच सकी।
अब ED यह जांच करेगी कि ड्रग्स कारोबार से अर्जित धन का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया तथा इस पूरे नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेन-देन में किन-किन लोगों की भूमिका रही। मामले में आगे की जांच जारी है।



