रायपुर। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के 38 मामलों में जब्त मादक पदार्थों का विधिसम्मत नष्टीकरण किया। यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति की निगरानी में जायसवाल नेको इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पावर प्लांट स्थित ब्लास्ट फर्नेस में संपन्न हुई।
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पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता की अध्यक्षता में हुई इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल और जिला आबकारी अधिकारी प्रवीण वर्मा भी मौजूद रहे।
नष्टीकरण के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों से जब्त 113.589 किलोग्राम गांजा, 2.006 किलोग्राम अफीम, 2.430 किलोग्राम डोडा, 11,516 नशीली कैप्सूल और टैबलेट, तथा 22,425 नशीली कफ सिरप की बोतलों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नष्ट किया गया।
पुलिस के अनुसार पूरी कार्रवाई पर्यावरणीय मानकों और वैधानिक नियमों का पालन करते हुए की गई। नष्टीकरण से पहले आवश्यक एनओसी, पर्यावरणीय स्वीकृति और अन्य औपचारिकताएं पूरी की गईं। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और दस्तावेजीकरण भी कराया गया।
रायपुर पुलिस ने बताया कि नशे के खिलाफ उसकी रणनीति केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल अपराधियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई के साथ-साथ PIT-NDPS के तहत निरोधात्मक कदम, वित्तीय जांच और अवैध संपत्तियों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब्त मादक पदार्थों का समयबद्ध नष्टीकरण भी इसी रणनीति का अहम हिस्सा है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 16 मई 2026 को भी सेंट्रल जोन ने 97 मामलों में जब्त करीब 5.65 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों का नष्टीकरण किया था।
रायपुर पुलिस का कहना है कि “नशामुक्त रायपुर” अभियान के तहत मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और नशे के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए हर स्तर पर प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।



