रायपुर। छत्तीसगढ़ में विदेशी फंडिंग के मामले और विधानसभा के संभावित विशेष सत्र को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। ईडी की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि सरकार विदेशी फंडिंग के मुद्दे को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने कहा कि जिस मामले का हवाला दिया जा रहा है वह 2025 का है और उस समय राज्य व केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकार है। ऐसे में सवाल उठता है कि तब यह फंडिंग कैसे हुई और जांच एजेंसियां क्या कर रही थीं। उन्होंने भाजपा पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ईडी और सीबीआई स्वतंत्र एजेंसियां हैं, जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।
दीपक बैज ने भाजपा के प्रशिक्षण शिविर पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ढाई साल में सरकार जनता से किए वादों को पूरा करने में विफल रही है, इसलिए अब जनता को भ्रमित करने के लिए “प्रशिक्षण” के नाम पर नई रणनीति बनाई जा रही है।
वहीं विधानसभा के संभावित विशेष सत्र को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल खड़े किए। बैज ने कहा कि महिला आरक्षण बिल पहले ही पारित हो चुका है, ऐसे में दोबारा सत्र बुलाने की आवश्यकता क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रही है और यह सत्र अनावश्यक खर्च बढ़ाने वाला कदम है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है, अपराध बढ़ रहे हैं, किसान और युवा परेशान हैं, और सरकार इन मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त है।



