रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने विधायकों को सचिवालयीन सहायता उपलब्ध कराने संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए उन्हें बड़ी राहत दी है। अब विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि राज्य के किसी भी जिले में पदस्थ कर्मचारियों की सेवाएं सचिवालयीन कार्यों के लिए प्राप्त कर सकेंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस संबंध में प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर पूर्व में जारी निर्देशों में संशोधन की जानकारी दी है। यह संशोधन वर्ष 2019 में सांसदों और विधायकों को लिपिकीय एवं सचिवालयीन सहायता उपलब्ध कराने संबंधी आदेश में किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत विधायक अब अपने क्षेत्र के अलावा अन्य जिलों में पदस्थ कर्मचारियों को भी अपने कार्यालयीन कार्यों के लिए अटैच करा सकेंगे। इससे उन विधायकों को विशेष सुविधा मिलेगी, जिन्हें अपने क्षेत्र में आवश्यक प्रशासनिक सहयोग या अनुभवी कर्मचारी उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे।
हालांकि सरकार ने इस व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी है। नए निर्देश के अनुसार राज्य स्तरीय कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारियों को किसी विधायक के साथ अटैच नहीं किया जा सकेगा। यानी मंत्रालय, विभागाध्यक्ष कार्यालय या अन्य राज्य स्तरीय संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों की सेवाएं विधायक नहीं ले सकेंगे।
वहीं सांसदों के मामले में यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। सांसद पहले की तरह आवश्यकतानुसार कर्मचारियों की सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे।
सरकार के इस फैसले को विधायकों की लंबे समय से चली आ रही व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के रूप में देखा जा रहा है। कई विधायक अपने क्षेत्र में पर्याप्त लिपिकीय सहायता नहीं मिलने की बात उठाते रहे हैं, जिसके चलते उन्हें कार्यालय संचालन और जनसंपर्क संबंधी कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

नए आदेश के बाद अब विधायकों को प्रशासनिक और कार्यालयीन कार्यों के संचालन में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।



