रायपुर/28 मार्च 2026। पेट्रोल-डीजल के विशेष एक्साइज कटौती का जनता को कोई फायदा नहीं मिला है। प्रदेश कांग्रेस वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि 24 घंटे हो गये लेकिन अभी भी पेट्रोल और डीजल के दाम जस के तस है। भाजपाई नेता, मुख्यमंत्री, मंत्री सभी एक्साइज कटौती का एहसान जता रहे है। यह कटौती जनता के लिए नही सरकार ने चुनावी राज्य में होने वाले डैमेज कंट्रोल के लिये किया है, केवल पेट्रोलियम कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिये किया गया है।
प्रदेश कांग्रेस वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि डीजल को स्पेशल एडिशनल एक्साइज मुक्त तथा पेट्रोल पर एक्साइज में 10 रू. की कटौती कर मोदी सरकार ने जनता पर एहसान नहीं किया है। यह राहत तेल कंपनियों के मुनाफे में एडजस्ट होगा। मोदी सरकार 2020 से लेकर अभी तक डीजल, पेट्रोल पर बेतहाशा एक्साईज ड्यूटी लगा कर 12 साल में 44 लाख करोड़ रू. की कमाई आम जनता से किया है। कोरोना काल में डीजल पर 30 और पेट्रोल पर 35 रू. की एक्साइज ड्यूटी मोदी सरकार ने मूल्यों के युक्तिकरण के नाम पर लगाया था, जिसे बाद में मात्र 5 रू. कम किया था।
प्रदेश कांग्रेस वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि मोदी सरकार युद्ध काल में एक्साइज की छूट जनता का अधिकार है। असलियत यह है कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की तुलना में मोदी सरकार अब भी डीजल पर 8 गुणा और पेट्रोल पर 3 गुणा अधिक एक्साइज ड्यूटी आम जनता से वसूल रही है। मोदी सरकार ने सस्ते तेल का फायदा कभी भी जनता को नहीं पहुंचाया, जब-जब कच्चे तेल के कीमतों में गिरावट हुई तब-तब मोदी सरकार मुनाफाखोरी में लगी रही। मोदी सरकार ने 6 साल में जितना डीजल, पेट्रोल पर से कमाया है उसे तो हमेशा के लिए पेट्रोल, डीजल को एक्साइज मुक्त करना चाहिए।



