पंकज विश्वकर्मा (समाचार संपादक)
रायपुर/ छत्तीसगढ़. अपेक्स सहित राज्य के जिला सहकारी बैंकों में गबन-घोटालो-फर्जीवाडो के दर्जनों मामले सामने आ रहे हैं और वो रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस बार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं सहित गबन-घोटालो-फर्जीवाडो का मामला फिर एक बार सामने आया है। इस घोटाले में कई बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता उजागर होने के बाद प्रशासन ने कडी़ कार्यवाही शुरू कर दी है। सरगुजा कलेक्टर अजीत बंसत ने बैंक के C.E.O को संलिप्त कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।
इस बार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, केरजू में फर्जी ऋण वितरण और राशि आहरण का मामला फूटा है। एस.डी.एम. सीतापुर की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय संयुक्त जांच दल ने 127 किसानों के फर्जी दस्तखत कर 2 करोड़ की रकम निकालने के खेल को पकड़ लिया और जांच रिपोर्ट कलेक्टर को भेज दी।

कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए बैंक के C.E.O को सख्त निर्देश जारी किया है कि तात्कालिक प्राधिकृत अधिकारी मदन सिंह, जोगी राम,सैनाथ केरकट्टा, तात्कालिक वरिष्ठ सहकारिता निरीक्षक और प्राधिकृत अधिकारी, भूपेंद्र सिंह परिहार तात्कालिक शाखा प्रबंधक, शिवशंकर सोनी सहायक लेखापाल, ललिता सिन्हा कैशियर, सुमित कुमार सहायक, दीपक कुमार कम्प्यूटर आपरेटर सहित सभी 8 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाये।

जिला सहकारी बैंक, अम्बिकापुर में कुल 31 शाखाएं संचालित है। जिसमें सरगुजा जिले में 9, बलरामपुर जिले में 8, सूरजपुर जिले में 8, कोरिया जिले में 2 और एमसीबी जिले में 4 है। पिछले दिनों ही बैंक की कुसमी और शंकरगढ़ शाखाओं से 23 करोड़ के फर्जीवाड़ा का मामला फूटा था। ये पूरा मामला 2012 से चल रहा था जिसमें बगैर किसानों की जानकारी के उनके खातों से फर्जी लोन निकाल कर फर्जी खातों में ट्रांसफर कर करोड़ों रुपए निकाल लिए गए थे।

सहकारी समिति जमडी के एक अकेले खाते से 19 करोड़ से ज्यादा लेन-देन किया गया। शंकरगढ़ जनपद पंचायत के नाम पर फर्जी एकाउंट खोल कर एक साथ 91 लाख ट्रांसफर कर दिया गया था जबकि जनपद पंचायत के ओरिजनल खाते से मात्र 16 लाख का ही लेन-देन हुआ था।
अपेक्स बैंक के अध्यक्ष ने वित्तीय अनियमितताओं को माना था.
अपेक्स बैंक के अध्यक्ष (प्राधिकृत अधिकारी) केदार गुप्ता ने भी पत्रकार वार्ता में यह स्वीकार किया था कि अपेक्स बैंक सहित जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में भी भारी मात्रा में गबन-घोटालो-फर्जीवाडो को अंजाम दिया गया है। किसानों के नाम पर फर्जी ऋण, म्यूल अकाउंट, गलत दस्तावेजों से वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं, जिसमें अपेक्स बैंक के बड़े अधिकारियों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है। टाटा कंसलटेंसी से अनियमितता की जांच कराई गई है और इसके बाद ऑडिट रिपोर्ट में अलग अलग अनियमितताएं सामने आई हैं और इसके बाद एक्शन लेते हुए सॉफ्टवेयर को ब्लॉक किया गया है।

विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जहां अपेक्स बैंक अध्यक्ष ने भ्रष्टाचार की जांच EOW को देने की घोषणा की थी वहां कई वरिष्ठ अधिकारी अपनी गर्दन फंसता देख अपेक्स बैंक अध्यक्ष की नियुक्ति को ही रद्द कराने हाइकोर्ट पहुंच गए थे। जिसकी सुनवाई भी अब शुरू हो चुकी है ?
अपेक्स और छत्तीसगढ़ के जिला सहकारी बैंकों में भ्रष्टाचार के कुछ चर्चित मामले:
1.रायपुर: 10 करोड़ से अधिक के गबन के आरोप, बैंक के 24 से अधिक कर्मचारियों पर F.I.R.
2.अंबिकापुर: 43 करोड़ से ज्यादा का गबन-घोटाला-फर्जीवाडा फूटा.
3.बरमकेला: 18 करोड़ के गबन-घोटालो-फर्जीवाडो के आरोप, अभी जांच में 50 करोड़ से अधिक का मामला सामने आने की संभावना.
4.दुर्ग: 50 करोड़ से अधिक के घोटाले का आरोप, कई वरिष्ठ अधिकारियों पर F.I.R.
5.बिलासपुर: 106 करोड़ से अधिक गबन-घोटालो-फर्जीवाडो के आरोप.
6.राजनांदगांव बैंक में भी करोड़ों के वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं।



