रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,72,000 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। विष्णुदेव साय सरकार का यह तीसरा बजट है, जिसकी थीम ‘SANKALP’ (समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, लाइवलीहुड और पॉलिसी से परिणाम तक) रखी गई है।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि राज्य का बजट गठन के समय 5,000 करोड़ से बढ़कर 1.72 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो 35 गुना वृद्धि दर्शाता है। बजट में सामाजिक क्षेत्र को 40%, आर्थिक गतिविधियों को 36% और प्रशासनिक सेवाओं को 24% प्राथमिकता दी गई है। राजकोषीय घाटा GSDP के 2.87% पर नियंत्रित रखा गया है। GSDP अनुमान 7,09,553 करोड़ रुपये (12.4% वृद्धि) है।
ग्रीन बजट के तहत 14,300 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बस्तर और सरगुजा पर विशेष फोकस रहेगा। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी स्थापित करने के लिए 100 करोड़ का प्रावधान। इंद्रावती नदी पर मटनार और देवरगांव बैराज निर्माण के लिए 2,024 करोड़। बस्तर और सरगुजा में मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए 50 करोड़। बस्तर-सरगुजा विकास प्राधिकरण के लिए 75 करोड़। 1,500 नए बस्तर फाइटर्स पद सृजित। होम स्टे और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बस्तर में 10 करोड़ और मैनपाट (सरगुजा) में 5 करोड़। 15 नए पुलिस थाने, 5 साइबर थाने और महिला थानों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान।
महिला सशक्तिकरण की प्रमुख घोषणाएं:
- रानी दुर्गावती योजना: 18 वर्ष पूर्ण करने पर बालिकाओं को 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता।
- महतारी वंदन योजना के लिए 8,200 करोड़ (अब तक 14,000 करोड़ से अधिक भुगतान)।
- महिलाओं के नाम संपत्ति क्रय पर पंजीयन शुल्क में 50% छूट (आगामी वर्ष से)।
- 250 महतारी सदन निर्माण के लिए 75 करोड़।
- मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना और मितानिन कल्याण निधि के लिए 350 करोड़ प्रत्येक।
कृषि और किसान कल्याण:
- कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़।
- कृषि पंपों के लिए 5,500 करोड़।
- भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए 600 करोड़।
- दलहन-तिलहन को योजना में शामिल।
- मत्स्य पालन के लिए 200 करोड़, डेयरी विकास के लिए 90 करोड़, पॉम ऑयल खेती के लिए 150 करोड़।
- ब्याज-मुक्त कृषि ऋण की घोषणा।
शिक्षा और युवा:
- कांकेर, कोरबा, महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज।
- दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, कुनकुरी में नए मेडिकल कॉलेज।
- रायपुर में होम्योपैथी कॉलेज।
- 5 शासकीय महाविद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए 15 करोड़।
- नीट-क्लेट परीक्षा में आर्थिक मदद के लिए 35 करोड़।
- स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के लिए 100 करोड़।
स्वास्थ्य और अन्य प्रमुख घोषणाएं:
- आयुष्मान योजना (शहीद वीर नारायण सिंह) के लिए 1,500 करोड़ (5 लाख तक कैशलेस इलाज)।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के लिए 2,000 करोड़।
- कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना के लिए 100 करोड़।
- रायपुर में 200 बिस्तर मातृ-शिशु अस्पताल और एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट के लिए 10 करोड़।
- मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के लिए 5,000 करोड़।
- पेंशन योजनाओं के लिए 1,422 करोड़।
- पीडब्ल्यूडी के लिए 9,450 करोड़, जल संसाधन के लिए 3,500 करोड़।
- 23 नए औद्योगिक पार्क के लिए 250 करोड़, उद्योग विभाग के लिए कुल 1,750 करोड़।
- मुख्यमंत्री द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना के लिए 200 करोड़।
- रायपुर में मेट्रो रेल सर्वे, अंडरग्राउंड बिजली लाइन के लिए 100 करोड़।
- सूर्य घर योजना के लिए अतिरिक्त 400 करोड़।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बजट को जनकल्याण और संतुलित विकास का मजबूत संकल्प बताया। विपक्ष ने कुछ क्षेत्रों में प्रावधानों को अपर्याप्त बताते हुए सवाल उठाए हैं, लेकिन सरकार इसे विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है। बजट पर अब सदन में विस्तृत चर्चा होगी।



