रायपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अवैध बॉक्साइट उत्खनन की जांच के दौरान हुई मारपीट में एक ग्रामीण की मौत और दो अन्य के घायल होने की घटना ने छत्तीसगढ़ की राजनीति को गरमा दिया है। कांग्रेस ने विष्णुदेव साय सरकार पर तीखा हमला बोला है, जबकि भाजपा ने जांच पूरी होने तक इंतजार करने की बात कही है।
भूपेश बघेल का तीखा हमला
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इस घटना को “प्रशासनिक आतंकवाद” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में प्रशासनिक तंत्र बेलगाम हो गया है और निर्दोष ग्रामीणों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। बघेल ने लिखा कि पहले ग्रामीणों ने अवैध बॉक्साइट से लदे एक ट्रक को पकड़ा था, जिसका बदला उन्हें इस मारपीट के रूप में मिला। उन्होंने राज्य सरकार और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का भी गंभीर आरोप लगाया। बघेल का कहना है कि यह घटना भाजपा सरकार की विफलता को उजागर करती है।
भाजपा का जवाब
भाजपा की ओर से राजनांदगांव सांसद और पार्टी प्रवक्ता संतोष पांडे ने कांग्रेस के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि घटना की जांच अभी जारी है और सभी तथ्य सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। पांडे ने जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने को अनुचित बताया और कहा कि सरकार निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगी।
आरोपी एसडीएम का विवादित इतिहास
इस मामले में आरोपी कुसमी एसडीएम करुण डहरिया का इतिहास भी विवादों से भरा है। जांजगीर जिले के चांपा में पदस्थ रहते हुए उन्होंने एक छात्र को थप्पड़ मारने की घटना में सुर्खियां बटोरी थीं, जिसके बाद उनके खिलाफ प्रदर्शन हुए थे। नवंबर 2022 में गरियाबंद में जनपद सीईओ के रूप में नलकूप खनन के बिल पास करने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार किया था।



