बीजापुर। जिले में नक्सलियों की हिंसक साजिश ने एक बार फिर एक निर्दोष ग्रामीण की जान ले ली। बीजापुर IED ब्लास्ट की इस दर्दनाक घटना में जंगल से लकड़ी लेने गए युवक की मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होने के बाद मौत हो गई। यह घटना 18 जनवरी को ग्राम कस्तुरीपाड़ के जंगल क्षेत्र में हुई, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कस्तुरीपाड़ निवासी आयता कुहरामी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जंगल की ओर गया हुआ था। इसी दौरान वह माओवादियों द्वारा पहले से प्लांट किए गए प्रेशर IED की चपेट में आ गया। जैसे ही उसका पैर विस्फोटक पर पड़ा, जोरदार धमाका हुआ। धमाके में युवक के दोनों पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों और सुरक्षा बलों की मदद से घायल युवक को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, रास्ते में ही उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने एक बार फिर नक्सल प्रभावित इलाकों में आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। संभावित खतरे को देखते हुए जंगल और आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए IED निष्क्रियकरण अभियान भी तेज कर दिया गया है।
बीजापुर IED ब्लास्ट की यह घटना नक्सलियों की अमानवीय रणनीति को उजागर करती है, जिसमें निर्दोष ग्रामीण सबसे ज्यादा शिकार बन रहे हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन जब तक जंगलों को पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया जाता, तब तक ऐसे हादसों की आशंका बनी रहेगी।



