नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध तेज करते हुए कांग्रेस और INDIA गठबंधन के कई विपक्षी दल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने जा रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा है। विपक्ष की योजना ज्ञापन सौंपकर चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका से जुड़े मुद्दे उठाने की है।
यह भी पढ़े :- Navratri Day 2: आज मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का दिन, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और भोग
कांग्रेस ने इस विरोध प्रदर्शन को ‘चलो दिल्ली–लोकतंत्र के लिए मार्च’ नाम दिया है। प्रस्तावित मार्च में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की सुप्रिया सुले, सीपीआई के डी. राजा, सीपीएम के एमए बेबी समेत अन्य विपक्षी नेताओं के शामिल होने की बात कही गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम भी संभावित प्रतिभागियों में शामिल है।
CJI से मुलाकात को लेकर क्या है मामला?
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखकर सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था। विपक्षी नेताओं का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपना और अपनी चिंताओं से अवगत कराना है।
रिपोर्टों के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश ने प्रशासनिक स्तर पर इस तरह के अनुरोध पर आदेश पारित करने की सीमा का उल्लेख किया है। उन्होंने संबंधित मुद्दों को न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से उठाने की बात कही। इन मामलों पर अदालत में याचिका दायर किए जाने की स्थिति में सुनवाई हो सकती है।
विपक्षी दलों की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक और मतदान के लिए पेपर बैलेट व्यवस्था की वापसी जैसे मुद्दे शामिल हैं। हालांकि, इन मांगों पर सुप्रीम कोर्ट का कोई फैसला होने की जानकारी नहीं है।
छह मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद
विपक्ष के मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। दिल्ली पुलिस ने यातायात को लेकर एडवाइजरी जारी की है। वहीं, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने जानकारी दी है कि सुरक्षा कारणों से सोमवार सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक छह मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रहेंगे।
प्रभावित मेट्रो स्टेशनों में शामिल हैं:
- पटेल चौक
- जनपथ
- राजीव चौक
- मंडी हाउस
- केंद्रीय सचिवालय
- बाराखंबा रोड
DMRC के मुताबिक, इन स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रहने के बावजूद इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मेट्रो सेवाओं और यातायात से संबंधित ताजा अपडेट देख लें।
कांग्रेस की ओर से प्रदर्शनकारियों को दोपहर 1:30 बजे कनॉट प्लेस और बाराखंबा रोड जंक्शन के पास एकत्र होने के लिए कहा गया है।
राहुल गांधी ने BJP पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि यह मार्च किसी एक राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों की सामूहिक आवाज है। उन्होंने दावा किया कि युवा, विपक्षी दल और सिविल सोसाइटी के सदस्य पार्टी, जाति, समुदाय और राज्य से ऊपर उठकर इसमें शामिल होंगे।
राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस और भाजपा समर्थकों द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि लोग संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधा। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्रपति को भी सौंपा गया था ज्ञापन
इससे पहले शुक्रवार को INDIA गठबंधन के विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने संसद से विजय चौक तक मार्च निकाला था। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपकर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध प्रदर्शनों को लेकर चिंतित है और देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बन गई है।
खरगे ने कहा कि उन्होंने और राहुल गांधी ने मुख्य न्यायाधीश से मिलने के लिए पत्र लिखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष अदालत के समक्ष अपनी चिंताएं रखना चाहता है और संबंधित मुद्दों पर न्यायिक हस्तक्षेप का अनुरोध करेगा।
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
खरगे ने शनिवार को दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान करीब 32 हजार पुलिसकर्मी और 7,500 सीआरपीएफ जवान तैनात किए गए थे। उनके मुताबिक, इतनी बड़ी तैनाती सरकार की चिंता को दर्शाती है।
विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर पारदर्शिता जरूरी है। वहीं, प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और मेट्रो प्रशासन ने सुरक्षा तथा यातायात प्रबंधन के लिए इंतजाम किए हैं।
अब सबकी नजर विपक्ष के मार्च, मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात के अनुरोध और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर आगे होने वाली न्यायिक कार्रवाई पर है।




