रायपुर। नशे के खिलाफ रायपुर पुलिस के ऑपरेशन निश्चय के तहत आरंग पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही से करीब 2 किलो गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार तीनों आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड भी है।
मामला आरंग थाने में दर्ज अपराध से जुड़ा है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत कार्रवाई की है।
मुखबिर की सूचना पर महिला को घेरा
पुलिस को सूचना मिली थी कि भानसोज निवासी मनचली दिवरा (50) गांजा लेकर आरंग कॉलेज चौक से अपने गांव की ओर जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गवाहों के साथ आरंग-कलई रोड पर वाटर हार्वेस्टिंग के पास घेराबंदी की।
कुछ देर बाद बताए गए हुलिए की महिला वहां पहुंची। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की और उसके पास मौजूद सफेद प्लास्टिक के थैले की तलाशी ली। थैले के अंदर भूरे रंग के टेप से लिपटे दो पैकेट मिले। जांच और वजन कराने पर दोनों पैकेटों में कुल 2 किलो गांजा मिला। पुलिस ने गांजा जब्त कर महिला को मौके पर गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आए दो और नाम
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान मनचली दिवरा ने बताया कि वह गांजा ग्राम पारागांव निवासी सुखनंदन बंजारे से लेकर आई थी। उसे यह गांजा ग्राम गुल्लू निवासी वेदराम लोधी को देना था।
महिला से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने दोनों युवकों को भी पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सुखनंदन और वेदराम ने भी गांजा तस्करी में अपनी भूमिका स्वीकार की। इस तरह मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
तीनों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस ने आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला तो तीनों के खिलाफ पुराने मामले सामने आए। मनचली दिवरा के खिलाफ तेलीबांधा थाने में आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज रह चुका है और वह इस मामले में जेल भी जा चुकी है।
वहीं वेदराम लोधी के खिलाफ आरंग थाने में आबकारी एक्ट का मामला दर्ज होने के साथ मारपीट के तीन पुराने प्रकरण भी सामने आए हैं। सुखनंदन बंजारे के खिलाफ भी मारपीट के दो पुराने मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।




