लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद। मैनपुर थाना क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। बरदुला के जंगल में पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला एक बुजुर्ग का शव पोस्टमार्टम के बाद करीब तीन घंटे तक शव वाहन के इंतजार में पड़ा रहा। वाहन उपलब्ध नहीं होने पर परिजनों को शव बांस की बल्ली के सहारे कंधे पर लादकर घर ले जाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, बेहराडीह निवासी सुमेर सिंह, जो कमार जनजाति से थे, पिछले पांच दिनों से घर से लापता थे। परिजनों ने उनकी तलाश की, जिसके बाद मैनपुर थाना क्षेत्र के बरदुला जंगल में उनका शव पेड़ पर लटका मिला।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों को शव घर ले जाने के लिए शव वाहन का इंतजार करना पड़ा। बताया जा रहा है कि करीब तीन घंटे तक इंतजार के बावजूद वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। इसके बाद परिजनों ने बांस की बल्ली के सहारे शव को कंधे पर उठाया और घर ले गए।
इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में शव परिवहन की स्वास्थ्य विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों को अंतिम संस्कार से पहले शव को इस तरह कंधे पर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। मामले में संबंधित विभाग की व्यवस्था और जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।




