रायपुर/बिलासपुर. छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने सीजीपीएससी मेंस रिजल्ट 2026 और उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मांग वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। हाईकोर्ट के फैसले के मुख्य बिंदु है कि केवल 608 अभ्यर्थी ही न्यूनतम निर्धारित अंक प्राप्त कर पाए हैं। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि आयोग के नियमों में उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन का कोई प्रावधान नहीं है। राज्य की शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की है कि वह परीक्षा मामलों में विषय विशेषज्ञों की भूमिका नहीं निभा सकती है।हाई कोर्ट ने यह भी माना कि चयन और इंटरव्यू प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है।

याचिकाकर्ता निमिलेश सोनी, नीरज कुमार व अन्य ने उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने और पूरी चयन प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की थी। याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु के सिंगल बेंच में हुई।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि पदों की संख्या के मुकाबले तीन गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था। आयोग ने जवाब में बताया कि नियमों के अनुसार अनारक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 33% और आरक्षित वर्ग के लिए 23% अंक जरूरी थे। इतने अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या ही 608 है।
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि याचिकाकर्ता यह साबित नहीं कर सके कि न्यूनतम अर्हता अंक हासिल करने वाले किसी अभ्यर्थी को साक्षात्कार से बाहर रखा गया। इसलिए केवल 1:3 अनुपात पूरा नहीं होने के आधार पर चयन प्रक्रिया को गलत नहीं माना जा सकता।
आप को बता दें कि आयोग ने 265 पदों पर भर्ती के लिए 26 नवंबर 2025 को विज्ञापन जारी किया था। मुख्य परीक्षा का परिणाम 31 अगस्त 2026 को जारी हुआ। आयोग के अनुसार कुल 608 अभ्यर्थी ही निर्धारित न्यूनतम अर्हता अंक हासिल कर सके। इन्हीं को साक्षात्कार के लिए पात्र माना गया था।




