रायगढ़। जिले में आदिवासी और सरकारी जमीन के कथित फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने तत्कालीन पटवारी राकेश कुमार साय को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर आदिवासी जमीन को कथित तौर पर गैर-आदिवासी के नाम दर्ज कराने और सरकारी जमीन के फर्जी दस्तावेज व पट्टे तैयार कर उनकी रजिस्ट्री कराने में भूमिका निभाने का आरोप है। दोनों मामलों में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
यह भी पढ़े :- भाजपा ने प्रकोष्ठों में की नई नियुक्तियां, चुन्नीलाल साहू बने संकुल संयोजक
मामला कापू थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, ग्राम डुमरनारा के खसरा नंबर 409 की जमीन की जांच के दौरान सामने आया कि राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि पहले पंडो जनजाति के सदस्यों के नाम दर्ज थी। जांच में आरोप है कि वर्ष 2023-24 के रिकॉर्ड में बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के जमीन सुखन पिता बजरंग, जाति रावत के नाम दर्ज कर दी गई।
इसके बाद 21 फरवरी 2024 को इस जमीन का रायपुर निवासी संतोष देवी गुप्ता के नाम रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के जरिए बिक्री किए जाने की जानकारी सामने आई। जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि विक्रेता के रूप में पेश किया गया व्यक्ति वास्तव में सुखन राठिया पिता धनाराम, जाति कंवर था।
दस्तावेजों की जांच में कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड के इस्तेमाल की बात भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, जमीन की बिक्री के लिए तत्कालीन हल्का पटवारी राकेश कुमार साय द्वारा चौहद्दी दिए जाने की जानकारी मिली है। इस मामले में तहसीलदार उन्मेश पटेल की शिकायत पर 7 जुलाई को पुलिस ने अपराध दर्ज किया था।
सरकारी जमीन के फर्जी पट्टे और रजिस्ट्री की भी जांच
दूसरे मामले में ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय जमीन को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए निजी लोगों के नाम दर्ज कराने, पट्टा तैयार करने और बाद में रजिस्ट्री कराने की शिकायत सामने आई थी। तहसीलदार उन्मेश पटेल ने 11 अगस्त को कापू थाने में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच के दौरान खसरा नंबर 467/23, 467/25 और 467/36 की सरकारी जमीन को कथित कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अन्य लोगों के नाम अंतरित किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब तत्कालीन पटवारी राकेश साय, मुकारधारी कैलाश कुमार जेठवानी, विक्रेता उजितराम, अनुप्रमाणक साक्षियों समेत अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
गनपतपुर से पकड़ा गया आरोपी
दोनों मामलों में अपराध दर्ज होने के बाद तत्कालीन पटवारी राकेश साय फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कापू पुलिस ने उसे ग्राम गनपतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लैपटॉप और प्रिंटर भी जब्त किया है। अब इन उपकरणों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर कथित कूटरचना में उसकी भूमिका से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




