बिलासपुर। ट्रांसपोर्ट कारोबार के हिसाब-किताब में हेराफेरी के आरोप में नौकरी से निकाले जाने से नाराज पूर्व कर्मचारियों ने अपने मालिक की पत्नी और उनके देवर का निजी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पीड़िता की शिकायत पर मस्तूरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
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हिसाब में गड़बड़ी पर किया था बेदखल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी ने अपना व्यवसाय संभालने के लिए खपरी (लिमतरा) निवासी पीतांबर सिंह और अजय चौधरी को काम पर रखा था। कुछ समय पूर्व कारोबार के हिसाब-किताब में गबन और गड़बड़ी सामने आने पर कारोबारी ने दोनों को नौकरी से निकाल दिया था। नौकरी से निकाले जाने के बाद से ही आरोपी रंजिश रखने लगे थे।
रंगदारी न मिलने पर किया वीडियो वायरल
आरोपियों ने काम के दौरान ही कारोबारी की पत्नी और उनके चचेरे भाई (देवर) के निजी पलों का छिपकर वीडियो बना लिया था। 9 जुलाई की रात करीब 10 बजे आरोपी कारोबारी के भाई के पास पहुंचे और जातिगत गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपियों ने देवर-भाभी का प्राइवेट वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करने और पैसों की मांग की कोशिश की। मांग पूरी न होने पर आरोपियों ने उक्त वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे पीड़िता को भारी मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
कड़े कानूनों के तहत FIR दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए मस्तूरी पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 77, 79, 296, 351(3), आईटी एक्ट (IT Act) की धारा 66E, 67, 67B तथा एससी-एसटी (SC/ST) एक्ट की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस की कार्रवाई:
मस्तूरी पुलिस की टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर तीन आरोपियों—अजय चौधरी (23), नरेश पटेल (24) और पीतांबर सिंह (38) (सभी निवासी खपरी, लिमतरा) को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें अदालत में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।




