रायपुर/मुंबई/गांधीनगर। मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। महाराष्ट्र और गुजरात सरकार ने स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाने वाले ‘एनालॉग पनीर’ पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। वहीं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन से खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 500 किलो संदिग्ध पनीर जब्त कर हड़कंप मचा दिया है।
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महाराष्ट्र और गुजरात में एनालॉग पनीर, चीज और बटर बैन
महाराष्ट्र सरकार ने एनालॉग पनीर के निर्माण, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने इस संबंध में आदेश जारी किया।
कानूनी कार्रवाई: FDA के अनुसार, एनालॉग पनीर को असली डेयरी उत्पाद बताकर बेचना ग्राहकों के साथ धोखा है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI), 2006 के तहत दोषियों को 6 महीने की जेल और ₹1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
कड़े प्रावधान: असुरक्षित खाद्य पदार्थ के सेवन से यदि किसी व्यक्ति की मौत होती है, तो आरोपी को आजीवन कारावास और कम से कम ₹10 लाख का जुर्माना भरना होगा।
गुजरात भी शामिल: महाराष्ट्र के बाद बुधवार को गुजरात सरकार ने भी एनालॉग पनीर, चीज और बटर पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी है।
रायपुर रेलवे स्टेशन पर पार्सल से मिला 500 किलो संदिग्ध पनीर
इधर, रायपुर रेलवे स्टेशन के पार्सल परिसर में खाद्य विभाग की टीम ने अमरकंटक एक्सप्रेस से पहुंचे लगभग 500 किलो संदिग्ध पनीर को जब्त किया है।
जांच जारी: पनीर के सैंपल लैब भेज दिए गए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह खेप किसकी थी और कहां भेजी जा रही थी।
अधिकारियों का बयान: अधिकारियों के मुताबिक लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हुई कार्रवाई: छत्तीसगढ़ में एनालॉग पनीर पर पहले से ही प्रतिबंध लागू है। इससे पहले जुलाई 2025 में बिरगांव की एक फैक्ट्री से 2,500 किलो और हाल ही में एक अन्य इकाई से 1,700 किलो संदिग्ध पनीर जब्त किया जा चुका है।
बॉम्बे हाईकोर्ट में कैंटीन सील कर चर्चा में आए IAS तुकाराम मुंढे
एनालॉग पनीर पर कड़ा फैसला लेने वाले 2005 बैच के IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे अपने कड़क प्रशासनिक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। अपने 21 साल के कार्यकाल में 25 बार ट्रांसफर झेल चुके तुकाराम हाल ही में तब सुर्खियों में आए, जब बॉम्बे हाईकोर्ट की टिप्पणी के तुरंत बाद उन्होंने हाईकोर्ट परिसर की तीन कैंटीनों का औचक निरीक्षण किया। बिना FSSAI लाइसेंस पाई गईं दो कैंटीनों को उन्होंने मौके पर ही काम रोकने (Stop Business) का नोटिस थमा दिया था।



