नारायणपुर। जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को शनिवार को बड़ी सफलता मिली। कोहकामेटा थाना क्षेत्र के कदेर गांव के जंगल में चलाए गए संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान बीएसएफ की 133वीं वाहिनी और जिला पुलिस ने जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया नक्सलियों का बड़ा हथियारों का जखीरा बरामद किया। कार्रवाई में हथियार, कारतूस, बीजीएल शेल, इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज डिवाइस, नक्सली साहित्य और अन्य सामग्री जब्त की गई।
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पुलिस के अनुसार, जिले में नक्सल गतिविधियों में कमी आने के बावजूद जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी के लिए लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत शुक्रवार को नक्सलियों द्वारा हथियार छिपाए जाने की सूचना मिलने पर बीएसएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम को रवाना किया गया।

सर्चिंग के दौरान कदेर गांव के पास जंगल में संदिग्ध स्थान की खुदाई करने पर जमीन के नीचे छिपाया गया नक्सली डंप मिला। वहां से एक .303 राइफल, छह .315 राइफल, एक 12 बोर बंदूक, दो बीजीएल लॉन्चर, 44 बीजीएल शेल, बड़ी संख्या में विभिन्न बोर के कारतूस, मैगजीन, राइफल स्लिंग, नक्सली वर्दी, जीपीएस, आरएफ डिटेक्टर, एंटीना, चिकित्सा सामग्री, नक्सली साहित्य, बैनर और अन्य उपकरण बरामद किए गए।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों को कई पेन ड्राइव और बड़ी संख्या में मेमोरी कार्ड भी मिले हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर नक्सली नेटवर्क, गतिविधियों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का पता लगाया जाएगा।
नारायणपुर पुलिस ने बताया कि बरामद 44 बीजीएल शेल को सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर ही बम निरोधक दस्ता (BDS) द्वारा सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय (डिस्पोज) कर दिया गया। इसके बाद पूरे क्षेत्र को सैनिटाइज किया गया और अभियान पूरा होने पर सुरक्षाबल सुरक्षित अपने कैंप लौट आए।
पुलिस का कहना है कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और जंगलों में छिपाए गए हथियारों, विस्फोटकों तथा अन्य संसाधनों को बरामद कर उनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



