रायपुर, 14 जुलाई। PGI-D Report : केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स फॉर डिस्ट्रिक्ट्स (PGI-D) 2025-26 रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्कूली शिक्षा की मिश्रित तस्वीर सामने आई है। रायगढ़ ने 329 अंकों के साथ प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया, जबकि सरगुजा (324) दूसरे और बीजापुर (323) तीसरे स्थान पर रहे।
वहीं राजधानी रायपुर ने डिजिटल लर्निंग श्रेणी में प्रदेश में सर्वोच्च प्रदर्शन किया, लेकिन समग्र मूल्यांकन में टॉप-3 जिलों में जगह नहीं बना सका। इससे साफ है कि केवल डिजिटल संसाधन ही नहीं, बल्कि सीखने के परिणाम, कक्षा शिक्षण और शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार की जरूरत है। रिपोर्ट के अनुसार, 600 अंकों में से 290 अंक (करीब 48%) केवल छात्रों के सीखने के परिणाम (Learning Outcomes) पर आधारित हैं।
यानी बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धि और शिक्षा तक प्रभावी पहुंच ही सबसे बड़ा मूल्यांकन मानक है। देशभर के 784 जिलों में से 473 जिलों के स्कोर में सुधार हुआ, लेकिन लगातार दूसरे साल भी कोई जिला सर्वोच्च ‘उत्कर्ष’ या ‘उत्तम-1’ ग्रेड तक नहीं पहुंच पाया। केवल 19 जिले ‘उत्तम-2’ श्रेणी में शामिल हुए।
रिपोर्ट में बस्तर संभाग के जिलों की स्थिति भी सामने आई। दंतेवाड़ा ने बुनियादी ढांचे में बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि सुकमा और नारायणपुर डिजिटल लर्निंग में काफी पीछे रहे। सुकमा को डिजिटल लर्निंग में 50 में से सिर्फ 6 अंक और नारायणपुर को 7 अंक मिले, जो दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा की चुनौतियों को दर्शाता है।
70 इंडिकेटर्स के आधार पर किया मूल्यांकन
PGI-D फ़्रेमवर्क के तहत ज़िलों का मूल्यांकन 70 इंडिकेटर्स के आधार पर किया गया, जिन्हें छह मुख्य क्षेत्रों में बांटा गया था- परिणाम (290 पॉइंट), प्रभावी क्लासरूम गतिविधियां (90), इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्रों के लिए सुविधाएं (51), स्कूल सुरक्षा (35), डिजिटल लर्निंग (50), और गवर्नेंस प्रक्रियाएं (84)। इस रिपोर्ट का मकसद सिर्फ़ स्कोर देना नहीं, बल्कि उन खास क्षेत्रों की पहचान करना है जहां हर ज़िले को सबसे ज़्यादा सुधार की ज़रूरत है। जहां इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर पाया गया, वहीं डिजिटल लर्निंग पीछे रही। बस्तर डिवीज़न के ज़िलों में दंतेवाड़ा का प्रदर्शन अपेक्षाकृत अच्छा रहा; इसने कुल 292 पॉइंट हासिल किए, जिसमें ‘इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्रों के लिए सुविधाएं’ कैटेगरी में 51 में से 43 पॉइंट शामिल थे। इसके उलट, सुकमा को कुल 255 पॉइंट मिले। ‘डिजिटल लर्निंग’ कैटेगरी में, सुकमा ने 50 में से सिर्फ़ 6 पॉइंट हासिल किए, जबकि नारायणपुर ने 7 पॉइंट हासिल किए। इससे पता चलता है कि दूर-दराज़ और आदिवासी इलाकों में डिजिटल शिक्षा का विस्तार करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।



