रायपुर : छत्तीसगढ़ के गूगल बॉय रुद्र शर्मा शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय और समाजहितैषी पहल करते हुए “उन्नति डहर निशुल्क विद्या मंदिर” की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, गरीब एवं विशेष रूप से सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा निःशुल्क उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी विद्यार्थी केवल आर्थिक अभाव के कारण अपने सपनों से समझौता न करे।
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इस पहल के अंतर्गत कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के छात्र-छात्राओं को पूर्णतः निशुल्क कोचिंग प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही CGPSC, UPSC, छत्तीसगढ़ व्यापम एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी विद्यार्थियों को पूरी तरह निशुल्क कराई जाएगी।
रुद्र शर्मा सभी विद्यार्थियों, विशेष रूप से सरकारी स्कूलों के गरीब एवं मेहनती छात्र-छात्राओं, को “उन्नति डहर निशुल्क विद्या मंदिर” से जुड़ने का आमंत्रण देते हुए कहते हैं—
“ऐसे अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी हैं जो 12वीं के बाद CGPSC, UPSC या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, लेकिन बड़े-बड़े कोचिंग संस्थानों की महंगी फीस उनके सपनों के बीच बाधा बन जाती है। ऐसे सभी विद्यार्थियों से मेरा आग्रह है कि वे ‘उन्नति डहर निशुल्क विद्या मंदिर’ आएँ और बिना किसी आर्थिक चिंता के अपने सपनों को साकार करें।”
वे आगे कहते हैं कि उन्होंने कई बार देखा है कि गरीब परिवारों के छात्र-छात्राएँ अपनी स्कूल या कोचिंग की फीस जुटाने के लिए कड़ाके की ठंड, तेज बारिश या भीषण गर्मी में अखबार बाँटते हैं, मजदूरी करते हैं या अन्य छोटे-मोटे कार्य करते हैं। इन संघर्षों को देखकर उन्होंने यह संकल्प लिया कि किसी भी बच्चे की शिक्षा केवल पैसों की कमी के कारण अधूरी नहीं रहनी चाहिए।
“उन्नति डहर निशुल्क विद्या मंदिर” केवल एक कोचिंग नहीं, बल्कि उन विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देने का एक सामाजिक अभियान है, जो प्रतिभाशाली तो हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
रुद्र शर्मा का मानना है कि—
“पढ़ाई के लिए पैसों की नहीं, बल्कि हौसलों, मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। यदि अवसर मिले, तो हर बच्चा अपने जीवन में बड़ी सफलता प्राप्त कर सकता है।”
इसी विश्वास के साथ रुद्र शर्मा सभी छात्र-छात्राओं, विशेष रूप से सरकारी स्कूलों के गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों, से इस अभियान से जुड़ने और अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर पहला कदम बढ़ाने का आह्वान करते हैं।



