अक्सर घर में छिपकली दिखते ही लोग घबरा जाते हैं। वहीं अगर छिपकली शरीर के किसी अंग पर गिर जाए, तो डर और बढ़ जाता है। लेकिन सामुद्रिक शास्त्र में इसे केवल डर से नहीं, बल्कि शुभ-अशुभ संकेतों से जोड़कर देखा गया है। मान्यता है कि शरीर के अलग-अलग अंगों पर छिपकली गिरने के अलग-अलग अर्थ होते हैं। कहीं इसे धन और सफलता का संकेत माना जाता है, तो कहीं सावधानी बरतने की चेतावनी।
सिर पर छिपकली गिरना
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार सिर पर छिपकली गिरना बेहद शुभ माना जाता है। इसे धन लाभ, सम्मान और बड़े अवसर मिलने का संकेत माना जाता है।
माथे पर गिरना
माथे पर छिपकली गिरना किसी पुराने मित्र या रिश्तेदार से मुलाकात का संकेत देता है। साथ ही समाज में प्रतिष्ठा बढ़ने की संभावना भी मानी जाती है।
नाक पर गिरना
नाक पर छिपकली गिरने को स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि इससे पुरानी बीमारी से राहत मिल सकती है।
कान पर गिरना
कान पर छिपकली गिरना शुभ समाचार मिलने का संकेत माना जाता है। किसी अच्छी खबर या लाभ की संभावना जताई जाती है।
आंख पर गिरना
आंख पर छिपकली गिरने को मानसिक तनाव से मुक्ति का संकेत माना जाता है। कहा जाता है कि व्यक्ति किसी चिंता या बंधन से बाहर निकल सकता है।
होंठ पर गिरना
- ऊपरी होंठ पर छिपकली गिरना आर्थिक नुकसान का संकेत माना जाता है।
- निचले होंठ पर गिरना धन लाभ और फायदे की ओर इशारा करता है।
हाथ पर गिरना
- दाहिने हाथ पर गिरना सफलता और सम्मान मिलने का संकेत माना जाता है।
- बाएं हाथ पर गिरना नुकसान या सतर्क रहने की चेतावनी देता है।
गला और कंधे पर गिरना
गले पर छिपकली गिरना बाधाओं और शत्रुओं से छुटकारा मिलने का संकेत माना जाता है। वहीं कंधे पर गिरना किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता का प्रतीक माना जाता है।
पेट और नाभि क्षेत्र
इस हिस्से पर छिपकली गिरना सुख-समृद्धि और पारिवारिक खुशियों का संकेत माना जाता है।
पीठ पर गिरना
पीठ पर छिपकली गिरना सामान्यतः अशुभ माना जाता है। इसे परेशानी, रुकावट या तनाव का संकेत बताया गया है।
पैरों पर गिरना
जांघ, घुटने या पिंडली पर छिपकली गिरना यात्रा, वाहन सुख या स्थान परिवर्तन का संकेत माना जाता है।
नोट: ये मान्यताएं सामुद्रिक शास्त्र और लोकविश्वासों पर आधारित हैं। इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।



