अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान जल्द परमाणु समझौते पर बेहतर प्रस्ताव नहीं देता, तो अमेरिका पहले से भी बड़ा हमला कर सकता है। उन्होंने कहा कि “घड़ी तेजी से चल रही है” और ईरान के पास ज्यादा समय नहीं बचा है।
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अमेरिकी मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब भी युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते का रास्ता चाहता है, लेकिन ईरान अब तक अमेरिकी शर्तें मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान जल्द नया और बेहतर प्रस्ताव पेश करेगा। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान ने जल्द फैसला नहीं लिया, तो उसके पास “कुछ भी नहीं बचेगा।” हालांकि उन्होंने बातचीत के लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप मंगलवार को व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ अहम बैठक करेंगे। बैठक में ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि यदि बातचीत में प्रगति नहीं हुई, तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है।
इस बीच रविवार को ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने ईरान की मौजूदा स्थिति और क्षेत्रीय तनाव पर चर्चा की। इससे पहले ट्रंप ने वर्जीनिया स्थित अपने गोल्फ क्लब में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में उपराष्ट्रपति JD Vance, विदेश मंत्री Marco Rubio, विशेष दूत Steve Witkoff और CIA प्रमुख John Ratcliffe मौजूद रहे।
वहीं, पाकिस्तान और Qatar अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिशों में जुटे हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्री ने तेहरान पहुंचकर ईरानी नेताओं से बातचीत की, जबकि कतर के प्रधानमंत्री ने भी दोनों देशों के नेताओं से फोन पर चर्चा की।
इधर, रविवार को United Arab Emirates के अबू धाबी स्थित बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के बाहर ड्रोन हमला हुआ। हमले में एक इलेक्ट्रिक जनरेटर में आग लग गई। यूएई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, तीन ड्रोन देश की सीमा में दाखिल हुए थे, जिनमें से दो को मार गिराया गया।
हालांकि यूएई ने सीधे तौर पर ईरान का नाम नहीं लिया, लेकिन अधिकारियों ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमले से परमाणु सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा और प्लांट सामान्य रूप से काम कर रहा है।



