नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने देशभर की मतदाता सूचियों को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है। इस चरण के तहत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 36.73 करोड़ मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा।
चुनाव आयोग के अनुसार, इस चरण में ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, दादरा एवं नगर हवेली-दमन एवं दीव, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली, नागालैंड और त्रिपुरा को शामिल किया गया है।
आयोग ने बताया कि यह कार्यक्रम जनगणना के तहत चल रहे हाउस लिस्टिंग अभियान को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि दोनों प्रक्रियाओं में बेहतर समन्वय बना रहे। आयोग के मुताबिक, इस तीसरे चरण के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरे देश में SIR प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इन क्षेत्रों में मौसम और जनगणना के दूसरे चरण को देखते हुए बाद में अलग कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
मई से सितंबर 2026 तक चलेगा अभियान
जारी कार्यक्रम के अनुसार, विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया मई से सितंबर 2026 के बीच संचालित होगी। इस दौरान घर-घर सत्यापन, मतदान केंद्रों का पुनर्गठन, ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन, दावे एवं आपत्तियों का निराकरण और अंतिम मतदाता सूची जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सबसे पहले ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में 30 मई से 28 जून 2026 तक घर-घर सत्यापन अभियान चलेगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। वहीं महाराष्ट्र, कर्नाटक, झारखंड, मेघालय और दिल्ली में यह प्रक्रिया जून के अंत से शुरू होकर 7 अक्टूबर 2026 तक पूरी होगी।
3.94 लाख BLO करेंगे घर-घर सत्यापन
चुनाव आयोग ने बताया कि SIR अभियान के तहत करीब 3.94 लाख बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाताओं के घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे। उनके सहयोग के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी तैनात किए जाएंगे।
आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने BLA नियुक्त करने की अपील की है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और सहभागी बन सके।
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मतदाता
आंकड़ों के अनुसार, इस चरण में महाराष्ट्र में सबसे अधिक 9.86 करोड़ मतदाता शामिल होंगे। यहां 97,924 BLO और 96,949 BLA तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा कर्नाटक में 5.55 करोड़, आंध्र प्रदेश में 4.16 करोड़ और तेलंगाना में 3.39 करोड़ मतदाता इस अभियान के दायरे में आएंगे।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में करीब 1.48 करोड़ मतदाताओं के सत्यापन के लिए 13,026 BLO और 28,881 BLA नियुक्त किए गए हैं।
चुनाव आयोग ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना, फर्जी एवं दोहराए गए नाम हटाना तथा सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और विश्वसनीय बन सके।