सरगुजा। जिले के धौरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जोरी-बिलमा जंगल में दफन अवस्था में प्रेमी जोड़े के कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि दोनों पिछले छह वर्षों से लापता थे। कपड़ों के आधार पर परिजनों ने उनकी पहचान की है। पुलिस ने नरकंकाल के अवशेष जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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जानकारी के अनुसार, जोरी और बिलमा गांव की सीमा से गुजरने वाले जंगल के नाले में ग्रामीणों ने मिट्टी में दबे नरकंकाल देखे। इसकी सूचना तत्काल धौरपुर पुलिस को दी गई। शनिवार को पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से खुदाई कर दोनों कंकाल बाहर निकाले गए।
पुलिस के मुताबिक, दोनों कंकाल अलग-अलग हिस्सों में मिले। युवक के हाफ पैंट और किशोरी के कपड़ों के आधार पर उनकी पहचान 19 वर्षीय विनोद और 17 वर्षीय ज्योति के रूप में की गई। परिजनों ने बताया कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था, लेकिन अलग-अलग जाति से होने के कारण परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। समाज और परिवार के डर से दोनों चोरी-छिपे जंगल में मिला करते थे।
बताया गया कि वर्ष 2020 की गर्मियों में दोनों अचानक लापता हो गए थे। काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला। बाद में विनोद कोरवा के पिता ने 13 मई 2023 को धौरपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि दोनों शवों को गड्ढा खोदकर नाले में दफन किया गया था। पुलिस का कहना है कि आसपास ग्रामीण खेती करते हैं, ऐसे में यदि शव खुले में पड़े होते तो पहले ही दिखाई दे जाते या दुर्गंध फैल जाती।
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि जंगल के उस क्षेत्र में जंगली सूअरों के शिकार के लिए बिजली के तार लगाए जाते हैं। पुलिस को आशंका है कि संभवतः दोनों की मौत करंट की चपेट में आने से हुई हो और बाद में शवों को छिपाने के लिए दफन कर दिया गया हो। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
धौरपुर थाना प्रभारी आरसी चंद्रा ने बताया कि दोनों कंकालों का डीएनए परीक्षण कराया जाएगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।



