रायपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय कोकीन सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। Raipur Police की टीम ने दिल्ली में दबिश देकर गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाइजीरियन नागरिक भी शामिल है।
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मेडिकल उपकरणों के जरिए तस्करी
जांच में सामने आया है कि आरोपी ब्लड प्रेशर (BP) मशीन के डिब्बों में कोकीन छिपाकर कोरियर के माध्यम से रायपुर भेजते थे, ताकि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को शक न हो। इस तरीके को गिरोह का ‘सीक्रेट कोड’ माना जा रहा है।
19 मार्च की गिरफ्तारी से खुला नेटवर्क
मामले का खुलासा 19 मार्च 2026 को हुआ, जब Devendra Nagar थाना क्षेत्र में नारायणा हॉस्पिटल के पास से एक आरोपी को 4.55 ग्राम कोकीन के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस की जांच दिल्ली तक पहुंची।
दिल्ली में दबिश, दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस टीम ने Tilak Nagar में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया—
- सन्नी शर्मा (तिलक नगर, दिल्ली) – बैंक ट्रांजेक्शन और कमीशन का काम संभालता था
- तोचकू अफामे उर्फ प्रिंस चार्ल्स (नाइजीरिया) – गिरोह का सक्रिय सदस्य, पहले वीजा उल्लंघन में जेल जा चुका है
जब्ती
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से—
- ₹9.70 लाख नकद
- 5 आईफोन
- 3 चेकबुक
बरामद किए हैं। कुल जब्ती लगभग ₹11 लाख आंकी गई है।
नाइजीरिया से संचालित था नेटवर्क
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड ‘चिची’ नामक व्यक्ति है, जो नाइजीरिया से पूरे नेटवर्क को संचालित करता था। सन्नी शर्मा के बैंक खातों का उपयोग ड्रग्स के पैसों के लेन-देन के लिए किया जाता था। पिछले छह महीनों में खातों से ₹2 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन सामने आया है।
लगातार सख्त कार्रवाई
Anti Crime and Cyber Unit द्वारा वर्ष 2026 में अब तक NDPS एक्ट के तहत—
- 36 मामले दर्ज
- 93 आरोपियों की गिरफ्तारी
की जा चुकी है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22बी के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायर्स और स्थानीय पैडलर्स की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।



