रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के कई जिलों में छापेमारी की है। रायपुर, अभनपुर, धमतरी और कुरुद सहित कुल 8 ठिकानों पर की गई इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नकदी, चांदी और अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
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सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान करीब 66.9 लाख रुपये नकद, 37.13 किलो चांदी की ईंटें व अन्य आभूषण, साथ ही कई डिजिटल डिवाइस और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
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यह कार्रवाई ACB/EOW द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई जांच का हिस्सा है। मामले में तत्कालीन SDO (राजस्व) निर्भय साहू सहित कई अन्य लोगों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
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ED ने यह जांच PMLA, 2002 के तहत तब शुरू की, जब ACB/EOW रायपुर ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की थी। आरोप है कि रायपुर–विशाखापत्तनम राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर अवैध रूप से अतिरिक्त मुआवजा लिया गया।

जांच में सामने आया है कि कुछ सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों ने आपराधिक साजिश के तहत भूमि अभिलेखों में बदलाव किया और मुआवजे की राशि को बढ़ा-चढ़ाकर हासिल किया। कई मामलों में भूमि के छोटे-छोटे टुकड़े कर अलग-अलग मुआवजा क्लेम भी किया गया, जिससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचा।
ED का कहना है कि यह पूरा घोटाला उस समय हुआ जब NHAI द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत अधिसूचना जारी की जा चुकी थी। इसके बावजूद नियमों को दरकिनार कर फर्जीवाड़ा किया गया।
फिलहाल सभी जब्त दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है और एजेंसी इस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।



