रायपुर। भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर के नया रायपुर स्थित परिसर में आज शनिवार को 15वां वार्षिक दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में डॉ. एस. जयशंकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने स्नातक छात्रों को संबोधित किया।
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इस अवसर पर कुल 552 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई, जिनमें एमबीए के 314, एग्जीक्यूटिव एमबीए के 230 और 8 डॉक्टरेट शोधार्थी शामिल हैं।
अपने दीक्षांत भाषण में डॉ. जयशंकर ने कहा कि यह बैच भाग्यशाली है, क्योंकि यह ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने वाली पीढ़ी का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आज के युवा तकनीक, सूचना और वैश्वीकरण के बेहतर अवसरों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने कौशल का उपयोग देश को समृद्ध बनाने में करें।
उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत की वैश्विक स्थिति पहले से अधिक मजबूत हुई है और देश दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत ने अपनी मजबूती साबित की है और भविष्य के प्रति देश में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
समारोह की शुरुआत में संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष पुनीत डालमिया ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वे ऐसे दौर में स्नातक हो रहे हैं, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जलवायु परिवर्तन और तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य जैसी चुनौतियां मौजूद हैं। उन्होंने छात्रों को जीवनभर सीखते रहने, ईमानदारी के साथ नेतृत्व करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंत में शिवांग छिकारा, शालिनी दुबे और बोबन चाको सहित अन्य मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। संस्थान ने अपने दूसरे चरण के विस्तार और ₹20.93 लाख वार्षिक औसत पैकेज के साथ एक सफल प्लेसमेंट सीजन भी दर्ज किया, जिससे आईआईएम रायपुर की प्रतिष्ठा और मजबूत हुई है।



