अंबिकापुर : सरगुजा संभाग में नशे के खिलाफ संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में आबकारी टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने झारखंड से सरगुजा संभाग में नशीले इंजेक्शन की सप्लाई करने वाले एक सप्लायर को गिरफ्तार किया है।
बस स्टॉप पर संदिग्धों की घेराबंदी
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि टीम को सूचना मिली थी कि बतौली के बेलकोटा बस स्टॉप पर दो व्यक्ति बोरियों के साथ संदिग्ध अवस्था में खड़े हैं। मौके पर पहुंचते ही आबकारी टीम को देखकर दोनों युवक घबरा गए। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम अनूप गुप्ता (निवासी गोदरमाना, जिला गढ़वा, झारखंड) और विनय गुप्ता (निवासी पाटोली, जिला सरगुजा) बताए।
1200 नशीले इंजेक्शन बरामद
आबकारी टीम ने जब दोनों बोरियों की तलाशी ली तो एक बोरी से 600 नग REXOGESIC Injection और दूसरी बोरी से 600 नग AVIL Injection बरामद हुए। जब्त नशीले इंजेक्शनों की कुल बाजार कीमत करीब 6 लाख रुपये आंकी गई है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तारी
दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें विशेष न्यायालय अंबिकापुर में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में हुआ बड़े नेटवर्क का खुलासा
आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि अनूप गुप्ता का नाम पहले भी नशीले इंजेक्शन सप्लायर के रूप में सामने आ चुका था, लेकिन वह हर बार बच निकलता था। आरोपी झारखंड सीमा का फायदा उठाकर गोदरमाना बॉर्डर से पूरे सरगुजा संभाग में नशे की सप्लाई करता था।
पूछताछ में अनूप गुप्ता ने खुलासा किया कि वह गढ़वा के रंजीत विश्वकर्मा, मंजूर अंसारी और प्रमोद जायसवाल से माल खरीदता था। रंजीत विश्वकर्मा को इस नेटवर्क का मुख्य डीलर बताया गया है।
जनवरी 2026 की पांचवीं बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि जनवरी 2026 में संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम की यह पांचवीं बड़ी कार्रवाई है। आबकारी विभाग का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।



