रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार सामने आ रही खराब स्वास्थ्य सेवाओं और नकली दवाओं के मामलों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने सरकार और स्वास्थ्य मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और सरकारी अस्पतालों में उपचार के नाम पर गंभीर लापरवाही की जा रही है।
शुक्ला ने आरोप लगाया कि राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के हर मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पताल में नकली, अमानक और फफूंद लगी दवाओं के मिलने का सिलसिला जारी है। उन्होंने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज नहीं मिल रहा, यहां तक कि मेकाहारा अस्पताल में एक ही बेड पर दो प्रसूता महिलाओं को उनके नवजात शिशुओं के साथ लिटाया जा रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य मंत्री मुद्दों को सुधारने के बजाय उन पर पर्दा डालने में लगे हुए हैं।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चों को दी जाने वाली कृमि-नाशक दवाएं जांच में अमानक पाई गईं, डायरिया मरीजों को दी गई दवाओं में फंगस मिला, और कई एंटीबायोटिक दवाओं से मरीजों को एलर्जी की शिकायतें सामने आईं। गर्भवती महिलाओं को बांटी गई आयरन, सल्फेट और फोलिक एसिड की दवाएं भी निम्न गुणवत्ता की थीं। अस्पतालों में फफूंद लगी ग्लूकोज बोतल चढ़ाए जाने से भी मरीजों की तबियत बिगड़ रही है।
शुक्ला ने आरोप लगाया कि जिन दवा कंपनियों के उत्पाद अन्य राज्यों में प्रतिबंधित हैं, उन्हीं कंपनियों की दवाएं छत्तीसगढ़ में खुलेआम बेची जा रही हैं। उन्होंने पूछा कि डॉक्टरों की शिकायत के बावजूद सप्लायर कंपनियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई और कौन इन सप्लायरों को संरक्षण दे रहा है।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में अमानक दवाएं बिना स्वास्थ्य मंत्री की जानकारी या लापरवाही के अस्पतालों तक पहुंच ही नहीं सकतीं। यह महज़ गलती नहीं बल्कि बड़ा घोटाला प्रतीत होता है। कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को तत्काल पद से हटाया जाए।



