नई दिल्ली/फरीदाबाद। दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम हुए भीषण कार ब्लास्ट में मृतकों की संख्या 13 तक पहुँच गई। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। मंगलवार को फरीदाबाद पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर उनके पास से 50-60 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया। यह कार्रवाई एक दिन बाद हुई, जब कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल शकील के किराये के दो मकानों से 2,900 किलोग्राम विस्फोटक (अमोनियम नाइट्रेट सहित) जब्त किया गया था।
जांच में सामने आया कि शकील और अदील अहमद रठेर समेत आठ गिरफ्तारियां जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े ‘सफेदपोश आतंकी’ मॉड्यूल से हैं, जो जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। मुख्य आरोपी डॉ. मोहम्मद उमर ने शकील की गिरफ्तारी के बाद घबराहट में हुंडई आई-20 कार में विस्फोट कर ‘फिदायीन’ हमला अंजाम दिया। कार पुलवामा के तारिक द्वारा खरीदी गई थी, जो अब हिरासत में है।
कार ब्लास्ट इतना जोरदार था कि शव के टुकड़े 100 मीटर दूर तक बिखर गए। फोरेंसिक टीम, दिल्ली पुलिस, एनआईए और डॉग स्क्वॉड मामले की जांच में जुटे हैं। मामले में यूएपीए और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट जारी किया गया है। लाल किला 13 नवंबर तक बंद रहेगा।
गुजरात एटीएस ने भी तीन संदिग्धों, जिनमें डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सईद शामिल हैं, को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस मामले में कोई भी संभावना छूटने नहीं दी जाएगी। प्रारंभिक जांच में ब्लास्ट के पीछे जैश का ट्रांसनेशनल लिंक उजागर हुआ है।



