बैतूल (मध्य प्रदेश)। मुलताई तहसील में आरएसएस प्रचारक की पिटाई के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। दरअसल, शहर में दो बाइकों की टक्कर के बाद विवाद इतना बढ़ा कि दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई और पत्थरबाजी-तोड़फोड़ शुरू हो गई। हालात बिगड़ने पर पूरे जिले से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर तैनात करना पड़ा।
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कैसे शुरू हुआ विवाद?
जानकारी के मुताबिक, मुलताई में दो बाइक आपस में टकरा गईं। इनमें से एक बाइक आरएसएस स्वयंसेवक की थी। दूसरी बाइक पर सवार युवकों ने स्वयंसेवक से मारपीट कर दी। इसके बाद मौके पर भीड़ जुटने लगी। इस बीच, आरएसएस प्रचारक शिशुपाल यादव के साथ भी कुछ युवकों ने हमला कर दिया।
भीड़ उतरी सड़क पर
हमले की खबर फैलते ही हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। गांधी चौक, बस स्टैंड और मुख्य बाजार में अफरा-तफरी मच गई। थाने के सामने टायर जलाए गए और पुलिस की गाड़ी रोकने की कोशिश की गई। पत्थरबाजी और तोड़फोड़ से माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रशासन ने संभाली स्थिति
हालात काबू से बाहर होते देख कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी, एसपी वीरेंद्र जैन, एसडीओपी और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। देर रात तक पुलिस ने गश्त की और संवेदनशील इलाकों में भारी फोर्स तैनात कर दिया गया।
RSS की मांग
आरएसएस कार्यकर्ता देवराज लोखंडे ने कहा, “हमारे जिला प्रचारक पर हमला हुआ है। हम मांग करते हैं कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए।”
पुलिस का बयान
एसपी वीरेंद्र जैन ने बताया, “बाइक टकराने के बाद झगड़ा हुआ और प्रचारक पर हमला किया गया। एफआईआर दर्ज कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
कलेक्टर का बयान
कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि विवाद किसी गलतफहमी के चलते बढ़ा था और इसे सुलझा लिया गया है। उन्होंने साफ किया कि यह मामला सांप्रदायिक नहीं है।



