रायपुर। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। सोमवार को विशेष अदालत ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी और उन्हें 14 दिनों के लिए जेल भेजने का आदेश जारी किया।
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गौरतलब है कि 6 दिसंबर को अमित बघेल देवेंद्रनगर थाने में सरेंडर करने जा रहे थे, लेकिन थाने से महज 20-25 मीटर पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां पहले तीन दिन का पुलिस रिमांड दिया गया था। रिमांड खत्म होने के बाद आज कोर्ट ने न्यायिक हिरासत का फैसला सुनाया।
यह पूरा विवाद 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के वीआईपी रोड चौक पर लगी “छत्तीसगढ़ महतारी” की प्रतिमा तोड़े जाने की घटना से शुरू हुआ था। जांच में पता चला कि प्रतिमा तोड़ने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार था और नशे में था।
अगले दिन अमित बघेल अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की व झड़प हुई। प्रदर्शन के दौरान अमित बघेल ने कथित तौर पर अग्रवाल और सिंधी समाज के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए, जिसके बाद मामला और भड़क गया।
इन बयानों के विरोध में रायपुर, रायगढ़, अंबिकापुर सहित छत्तीसगढ़ के कई जिलों और पड़ोसी राज्यों में भी अमित बघेल के खिलाफ अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई। सिंधी समाज के लोगों ने भी कोतवाली थाने में अलग से शिकायत दर्ज कराई थी।
फिलहाल अमित बघेल न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की अगली सुनवाई के लिए अब 14 दिन बाद कोर्ट में पेशी होगी।



