रायपुर। राज्य शासन ने पेंशनरों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नवंबर माह में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (Digital Life Certificate–DLC) जमा करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। अब पेंशनरों को अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए अपनी मूल बैंक शाखा में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे किसी भी बैंक शाखा में जाकर, या घर बैठे “Jeevan Pramaan” मोबाइल ऐप एवं (https://jeevanpramaan.gov.in) वेबसाइट के माध्यम से अपना DLC जमा कर सकते हैं।
भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय तथा पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, नई दिल्ली के निर्देशों के अंतर्गत यह सुविधा छत्तीसगढ़ के सभी पेंशनरों के लिए लागू की गई है।
संचालक, पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़, रायपुर, पद्मिनी भोई साहू ने सभी बैंकों एवं जिला कोषालयों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बैंक अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि नवंबर महीने में पेंशन वितरण तिथि से पूर्व अधिक से अधिक पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएँ, ताकि किसी भी पेंशनर की पेंशन बाधित न हो।
निर्देशों के पालन में भारतीय स्टेट बैंक सहित विभिन्न बैंक “डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र मिशन 4.0” के तहत शहरों में विशेष शिविर आयोजित कर रहे हैं। इन शिविरों में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से पेंशनरों का डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किया जा रहा है।
भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, अब हर बैंक शाखा में आने वाले पेंशनर का DLC जनरेट करने की जिम्मेदारी संबंधित बैंक की होगी, चाहे पेंशनर का खाता किसी भी बैंक में हो।
सभी पेंशनरों से अपील की गई है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाते हुए समय पर अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा करें, ताकि उनकी पेंशन बिना किसी व्यवधान के जारी रह सके।



