रायपुर। अल्दा-देवरी-घुलघुल क्षेत्र में किसानों की जमीन पर कथित अवैध कब्जे, फर्जी एनओसी और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के आरोपों को लेकर सोमवार को राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिल्दा-नेवरा थाने का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र में किसानों की जमीनों पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा किया जा रहा है, जबकि सरकारी भूमि पर भी अतिक्रमण के मामले सामने आए हैं। शिकायतों के बावजूद पुलिस और राजस्व विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
किसानों के साथ धरने पर बैठे भूपेश बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बड़ी संख्या में किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ तिल्दा थाने के बाहर धरने पर बैठे। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारियों को मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
स्पंज आयरन प्लांट का भी किया विरोध
भूपेश बघेल ने देवरी-घुलघुल-अल्दा क्षेत्र में प्रस्तावित स्पंज आयरन प्लांट का भी विरोध दोहराया। उन्होंने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों की सहमति के बिना किसी भी औद्योगिक परियोजना को लागू नहीं किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि 1 जून को तिल्दा-नेवरा में आयोजित किसान महापंचायत में भी उन्होंने स्पष्ट कहा था कि किसानों और ग्रामीणों की इच्छा के विरुद्ध क्षेत्र में प्लांट स्थापित नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शन के बाद एक बार फिर जमीन विवाद, कथित फर्जी एनओसी और औद्योगिक परियोजनाओं को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।



