रायपुर। छत्तीसगढ़ एटीएस ने राजधानी में पाकिस्तान आधारित आइएसआइएस मॉड्यूल की साजिश का बड़ा खुलासा किया है। इंस्टाग्राम के माध्यम से भारतीय किशोरों को कट्टरपंथ की ओर धकेलने के प्रयास का भंडाफोड़ करते हुए एटीएस ने यूएपीए के तहत अपराध दर्ज कर दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक 16 वर्षीय किशोर रायपुर के संतोषी नगर का निवासी है, जिसके पिता सेंट्रल फोर्स में कार्यरत हैं, जबकि दूसरा 15 वर्षीय किशोर भिलाई का रहने वाला है।
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सूत्रों के अनुसार दिल्ली ब्लास्ट के बाद सोशल मीडिया पर की जा रही गहन निगरानी के दौरान इन किशोरों की गतिविधियाँ संदिग्ध पाई गईं, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
इंस्टाग्राम के जरिए युवाओं को जोड़ने की कोशिश
जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलरों ने फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर भारतीय किशोरों से संपर्क स्थापित किया। सामान्य दिखने वाले इन अकाउंट्स के माध्यम से धीरे-धीरे उन्हें गुप्त ऑनलाइन चैट ग्रुप्स में शामिल कराया जाता था। इन ग्रुप्स में जिहादी वीडियो, उग्र भाषण, भारत-विरोधी संदेश और आइएसआइएस समर्थित सामग्री लगातार भेजी जा रही थी।
एटीएस के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया योजनाबद्ध थी, जिसका उद्देश्य किशोरों की मानसिकता को प्रभावित कर उन्हें जिहादी रास्ते पर ले जाना था।
छत्तीसगढ़ में लोकल नेटवर्क खड़ा करने की साजिश
पाकिस्तानी हैंडलरों ने किशोरों को राज्य में आइएसआइएस का स्थानीय नेटवर्क तैयार करने के लिए उकसाया था। साइबर मॉनिटरिंग व तकनीकी विश्लेषण के दौरान दोनों किशोरों के मोबाइल, चैट बैकअप और ऑनलाइन गतिविधियों में जिहादी कंटेंट मिलने की पुष्टि हुई है।
एटीएस का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से छत्तीसगढ़ में एक बड़ा आतंकी खतरा टल गया।




