रायपुर। कुख्यात सूदखोर वीरेंद्र तोमर उर्फ रूबी तोमर आखिरकार रायपुर पुलिस के शिकंजे में आ गया! करीब 150 दिनों से फरार यह शातिर अपराधी मध्यप्रदेश के ग्वालियर में छिपा बैठा था, जहां से पुलिस ने उसे धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उसे रायपुर लाया गया, जहां उसकी पहली तस्वीर वायरल हो रही है—बनियान और लोअर में थाने के फर्श पर बैठा यह शख्स अब पुलिस की गिरफ्त में है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तोमर ब्रदर्स के खिलाफ सिर्फ जून महीने में 30 दिनों के अंदर 7 एफआईआर दर्ज की गईं—इनमें मारपीट, जबरन वसूली, ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। इनमें से एक मामला तेलीबांधा थाने में जबकि बाकी छह पुरानी बस्ती थाने में दर्ज हैं।
फरारी काटने के दौरान वीरेंद्र और उसका भाई उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान होते हुए आखिरकार एमपी के ग्वालियर में एक किराए के मकान में दुबक गए, जहां उन्होंने स्थानीय नेताओं से पनाह और मदद भी मांगी थी। लेकिन रायपुर पुलिस की लगातार निगरानी और मुखबिरों की सक्रियता ने आखिरकार रूबी तोमर की चालबाजियों का पर्दाफाश कर दिया।
रायपुर पुलिस की यह गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। शहर के सबसे खूंखार सूदखोरों में शुमार तोमर बंधुओं के खिलाफ कई पीड़ितों ने खुलकर आवाज उठाई थी। अब वीरेंद्र की गिरफ्तारी से जांच में नई रफ्तार आने की उम्मीद है—नए राज खुलेंगे और पुलिस का डंडा अब इस महाजनी गिरोह पर चलेगा।



