रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निज सचिव और भाजपा नेता राजेंद्र दास की पत्नी का सड़क पर बर्थडे सेलिब्रेशन अब कानूनी पचड़े में फंस गया है। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब बिलासपुर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कड़ी नाराजगी जताई है।

सोमवार को मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति अमितेंद्र प्रसाद की खंडपीठ में इस पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को स्वयं मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: “सरकार ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करे
हाईकोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिया कि सड़क को निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल करने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह आम नागरिक हो या किसी मंत्री का सहयोगी।
सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें राजेंद्र दास की पत्नी सड़क के बीच में कार खड़ी कर पटाखे फोड़ते और केक काटते हुए नजर आईं। वीडियो में राजेंद्र दास भी मौजूद थे, जो खुद स्वास्थ्य मंत्री के विशेष निजी सहायक और भाजपा नेता हैं। यह वीडियो गुरुवार रात का बताया जा रहा है।
राजनीतिक संग्राम भी तेज
वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इस पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लिखा स्वास्थ्य मंत्री के निज सचिव और भाजपा नेता सड़क को अपनी निजी जागीर समझ बैठे हैं। पटाखे, केक और जश्न के बीच आम जनता के लिए बने नियम सिर्फ आम लोगों पर लागू होते हैं क्या?”
अब सरकार और मंत्री दोनों पर दबाव
हाईकोर्ट के संज्ञान के बाद अब राज्य सरकार पर भी दबाव बढ़ गया है कि वह इस मामले में उदाहरण पेश करे। जनता के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि ‘कानून के सामने सब बराबर हैं’ का संदेश देने के लिए सरकार कितनी सख्त कार्रवाई करेगी।



