रायपुर। बिरनपुर हिंसा मामले में सीबीआई द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी राजनीतिक जंग छिड़ गई है। कांग्रेस ने तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान मंत्री अरुण साव पर निशाना साधते हुए उन पर वोटों के ध्रुवीकरण के लिए इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया है और उनके इस्तीफे की मांग की है।
छत्तीसगढ़ में निकली केमिस्ट भर्ती: मिलेगी 91 हजार तक सैलरी, ऐसे करें आवेदन
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में वरिष्ठ नेता धनेंद्र साहू, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला और अन्य नेताओं के साथ प्रेस वार्ता की। बैज ने कहा कि सीबीआई की चार्जशीट में स्पष्ट है कि बिरनपुर हिंसा दो पक्षों के बीच आपसी विवाद का नतीजा थी, जो बाद में सांप्रदायिक रूप ले लिया। इसमें किसी राजनीतिक साजिश का कोई सबूत नहीं मिला। फिर भी, भाजपा ने इसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया और कांग्रेस पर झूठे आरोप लगाए।
बैज ने आरोप लगाया कि अरुण साव ने घटनास्थल पर जाकर लोगों को भड़काने का काम किया और इस मामले से जुड़े व्यक्ति को चुनाव में टिकट देकर वोटों का ध्रुवीकरण किया। उन्होंने कहा कि सीबीआई चार्जशीट में ईश्वर साहू द्वारा आरोपित व्यक्ति का नाम तक नहीं है। बैज ने मांग की कि अगर अरुण साव में जरा सी भी नैतिकता है, तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए और जनता से माफी मांगनी चाहिए।
प्रेस वार्ता में मौजूद वरिष्ठ कांग्रेसी नेता धनेंद्र साहू ने कहा कि बिरनपुर में तीन लोगों की हत्या की घटना को भाजपा ने राजनीतिक मुद्दा बनाकर गांव के विवाद को राज्य स्तर पर उछाला। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में इसका लाभ उठाया गया और कांग्रेस को बदनाम किया गया। साहू ने कहा कि अगर भाजपा नेताओं में थोड़ी सी भी मानवीयता बची है, तो उन्हें अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए।



