सूरजपुर। छत्तीसगढ़ की सूरजपुर पुलिस ने देशभर में फैले एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में फर्जी संस्था के नाम पर खोले गए बैंक खातों के जरिए 21 राज्यों में 150 से अधिक साइबर ठगी की शिकायतों का पता चला है। इन खातों से जुड़े लेनदेन में 113 करोड़ 32 लाख 9 हजार 604 रुपये की ठगी की रकम का कनेक्शन सामने आया है।
फर्जी संस्था बनाकर खुलवाए बैंक खाते
पुलिस के मुताबिक, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से मिली रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई। जांच में ग्राम गंगौटी निवासी 32 वर्षीय देवनारायण चक्रधारी का नाम सामने आया। आरोप है कि उसने अपने भाई महेश चक्रधारी के साथ मिलकर डीएन चक्रधारी एजुकेशन डेवलपमेंट एसोसिएशन नाम से संस्था बनाई और इसी के नाम पर एसबीआई की सूरजपुर शाखा में बैंक खाते खुलवाए।
जांच के दौरान पता चला कि जनवरी 2024 से जुलाई 2025 के बीच देश के अलग-अलग राज्यों से इन खातों के संबंध में 150 से अधिक शिकायतें दर्ज हुई थीं। पुलिस को खातों के जरिए हुए लेनदेन में 113 करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी से जुड़ी रकम का पता चला है। जांच में इस नेटवर्क का कनेक्शन बिहार के पटना से भी सामने आया है।
8 लाख रुपये और कमीशन के लालच में सौंपे खाते
पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर 8 लाख रुपये और प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर कमीशन मिलने के लालच में संस्था के बैंक खातों की इंटरनेट बैंकिंग आईडी और पासवर्ड साइबर ठगों को उपलब्ध कराए थे।
इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर देशभर में लोगों से ठगी गई रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने और उसे आगे खपाने के लिए किया जाता था। पुलिस अब इन लेनदेन की पूरी कड़ी खंगाल रही है।
पासबुक, एटीएम और चेकबुक समेत दस्तावेज जब्त
पुलिस ने देवनारायण चक्रधारी के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस मामले में आरोपी का भाई महेश चक्रधारी पहले से जेल में बंद है। पुलिस अब दोनों भाइयों की भूमिका के साथ-साथ उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जो कथित तौर पर इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए कर रहे थे।
पटना कनेक्शन की भी जांच, मास्टरमाइंड की तलाश
सूरजपुर पुलिस के सामने अब इस नेटवर्क के मुख्य संचालकों और साइबर ठगों तक पहुंचने की चुनौती है। पुलिस पटना से जुड़े कनेक्शन, बैंक खातों में हुए करोड़ों रुपये के लेनदेन और रकम के आगे ट्रांसफर की कड़ियों की जांच कर रही है।
21 राज्यों में फैली 150 से अधिक शिकायतों और 113 करोड़ रुपये से ज्यादा की संदिग्ध ठगी की रकम का कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस की जांच का दायरा भी बढ़ गया है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल और बैंकिंग साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




