रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों पर कड़ा प्रहार किया है। भारतीय जनता पार्टी के “लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ” अभियान के तहत शुक्रवार दोपहर राजधानी पहुँचे भाजपा सांसद व राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. त्रिवेदी भाजपा प्रदेश कार्यालय में आहूत महती पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
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भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। आज दुनिया में 34-35 प्रतिशत जनता ही पूर्ण रूप से लोकतंत्र से जुड़ी हुई है जिसका 17% भारत है। भारत को दुनिया के लोकतंत्र का सबसे बड़ा आधार स्तंभ बताते हुए डॉ. त्रिवेदी ने वैश्विक परिदृश्य की विस्तार से चर्चा की और कहा कि एक ओर जहाँ विश्व के अनेक देश गंभीर आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक संकटों से जूझ रहे हैं, वहीं भारत विश्व पटल पर अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कर रहा है। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि भारत की यह मजबूती और आर्थिक प्रगति विश्व की बहुत-सी शक्तियों को रास नहीं आ रही है। भारत के अंदर और बाहर सक्रिय यह शक्तियाँ अनेक तरह के प्रपंच और षड्यंत्र रच रही हैं।

वर्तमान राजनीतिक परिप्रेक्ष्य की चर्चा करते हुए डॉ. त्रिवेदी ने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि चुनाव की प्रक्रिया में मतदाता सूची सबसे पहले जिला अध्यक्ष को दी जाती है। अगर कांग्रेस पार्टी कहती है कि वहाँ भी उन्होंने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई, तो क्या वह अपने ही जिला अध्यक्षों को नाकारा बता रही है? उसके बाद सूची राज्य चुनाव आयोग के पास जाती है, वहाँ भी आपत्ति दर्ज करने का प्रावधान है। यदि वहाँ भी आपत्ति नहीं की, तो क्या कांग्रेस अपनी प्रदेश इकाई को भी नाकारा बता रही है? इसके बाद यह सूची केंद्रीय चुनाव आयोग के पास जाती है, वहाँ भी आपत्ति दर्ज की जा सकती है। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जो सवाल उठा रही है, वह सवाल दरअसल उनके बूथ लेवल एजेंट (बीएलए), जिला अध्यक्ष और प्रदेश इकाई से पूछा जाना चाहिए।
भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि दूसरा प्रश्न यह भी उठता है कि कांग्रेस कहती थी कि 45 दिन की लिमिट है, उसके बाद सीसीटीवी फुटेज नहीं मिलता। अभी हाल ही में कई राज्यों में विधानसभा उपचुनाव और लोकसभा के उपचुनाव हुए हैं, जिनके परिणाम आए 10-15 दिन ही हुए हैं। 45 दिन की सीमा अभी बाकी है। कांग्रेस बताए कि वह फुटेज मांगेगी या नहीं? या फिर, 45 दिन गुजर जाने के बाद सिर्फ हल्ला मचाने के लिए बैठी रहेगी? डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि यह बात बहुत स्पष्ट है कि जो भी प्रक्रिया वैधानिक रूप से होती है, उसके ऊपर भ्रामक प्रचार करके कांग्रेस पार्टी देश में अराजकता उत्पन्न करना चाहती है।
“सत्ता में आने पर लूट, समाज में फूट और भारत की धर्म-संस्कृति से घृणा ही कांग्रेस का उद्देश्य”
भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. त्रिवेदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस का असली उद्देश्य स्पष्ट कर दिया है। सत्ता में आने पर लूट, समाज में फूट और भारत की धर्म-संस्कृति से घृणा – यही कांग्रेस के लोगों के हृदय में भरा हुआ है। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में भारत की ऐसी कौन-सी व्यवस्था है, जिस पर कांग्रेस ने भ्रम पैदा करने का प्रयास न किया हो? कांग्रेस ने राफेल को लेकर भारत सरकार के बारे में दुष्प्रचार किया, जो पूरी तरह गलत साबित हुआ। भारतीय सेना पर भ्रम पैदा करने का प्रयास किया, सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाया, वायुसेना पर बालाकोट को लेकर सवाल उठाया और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की तीनों सेनाओं पर सवाल उठाया। भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में भी इन्होंने भ्रम फैलाने की कोशिश की। याद कीजिए, कांग्रेस नेतृत्व ने कहा था कि एलआईसी बर्बाद हो गई, जबकि आज एलआईसी ऑल टाइम हाई प्रॉफिट में है। कांग्रेस ने कहा था कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बर्बाद हो गया, जबकि आज एसबीआई 2017-18 के बाद प्राइवेट और सरकारी बैंकों में मिलाकर ऑल टाइम हाई प्रॉफिट में है। कांग्रेस ने कहा था कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को सरकार ने बर्बाद कर दिया, जबकि आज एचएएल के पास एक लाख करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं, जो उसका ऑल टाइम हाई है। कोरोना काल में कांग्रेस ने वैक्सीन के बारे में भी भ्रम फैलाया। अप्रैल 2021 में कहा कि बच्चों की वैक्सीन विदेश भेज दी गई, जबकि अप्रैल 2021 में जब दूसरी लहर आई थी, उस समय तक भारत ही नहीं, दुनिया में कहीं भी बच्चों की कोई वैक्सीन बनी ही नहीं थी। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया के बारे में भ्रम फैलाया, मीडिया के बारे में भ्रम फैलाया, न्यायालय के बारे में भ्रम फैलाया।
भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि सभी संवैधानिक संस्थाओं के बारे में दुष्प्रचार करते हुए जब ये हर बार नाकाम रहे हैं, तो अब उसी श्रृंखला में एक बार पुनः भारत की सभी संवैधानिक व्यवस्थाओं को ध्वस्त कर भारत में अराजकता का ख्वाब देखने का प्रयास कर रहे हैं। डॉ. त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित आंदोलन पर भी तीखा हमला बोला। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि 10-12 दिन की अज्ञात विदेश यात्रा पर जाकर सैर-सपाटा और तफरीह करके आने के बाद जब तय करेंगे कि कौन-सी तारीख को वो ‘जलवा अफरोज’ होंगे, तो उस दिन आंदोलन किया जाएगा; भले ही उससे भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव क्यों न पड़े! दिल्ली के जिस क्षेत्र में वे आंदोलन करने जा रहे हैं, वह पूरे उत्तर भारत में व्यापार और वाणिज्य का प्रमुख केंद्र है। और यह जो त्योहार का सीजन होता है- नवरात्रि से लेकर दीपावली और छठ पूजा तक गत वर्ष इसमें लगभग 6 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। डॉ. त्रिवेदी ने सवाल किया कि राहुल गांधी किन शक्तियों से प्रेरित होकर यह कार्य करने का प्रयास कर रहे हैं? इनका उद्देश्य सिर्फ भारत की व्यवस्था को समाप्त करना नहीं है, क्योंकि राहुल गांधी स्वयं बोल चुके हैं कि उनकी लड़ाई ‘इंडियन स्टेट’ से है।
भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य भारत की धर्म और संस्कृति को भी नष्ट करना है, क्योंकि ये बोल चुके हैं कि हिंदू धर्म में जो ‘शक्ति’ है, उससे इनको लड़ना है और उसे नष्ट करने के लिए ये अनेक प्रकार के दुष्प्रचार करते रहते हैं। मनगढ़ंत, गुलामी के काल में अंग्रेजों द्वारा बनाए गए पंचों के आधार पर “स्मैश पैट्रिआर्ची” की बात करते हैं, और जब केरल के ग्रैंड मुफ्ती कहते हैं कि महिलाओं को तो तिजोरी में रखे हुए नेकलेस की तरह घर में रखना चाहिए, तो मौन धारण कर लेते हैं। गठबंधन के सहयोगी कहते हैं भाजपा केवल ‘गोमूत्र वाले राज्यों’ में जीतती है, प्रियंका वाड्रा संसद में गोमूत्र का मजाक उड़ाती हैं, तो कांग्रेस बताए कि भूपेश बघेल ने 2020 में गोबर-गोमूत्र को ऑर्गेनिक खाद के रूप में उपयोग करने की योजना क्यों बनाई थी? आप रायपुर में सही बोल रहे थे या दिल्ली में सही बोल रहे हैं? हकीकत यह है कि आप दोनों जगह झूठ बोलते हैं।
भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जब मुख्यमंत्री थे, तो गुजरात मॉडल था जिसकी चर्चा पूरे देश में होती थी। भू-जल स्तर कम हुआ था गुजरात में, लेकिन हमारे शासन में बढ़ा। मध्यप्रदेश में कृषि कर्मण पुरस्कार उस दौर में कई बार मिला, लाडली लक्ष्मी योजना की मध्यप्रदेश की चर्चा होती थी। किसानों को पहले साल ब्याज मुक्त लोन देने का काम हमारी कर्नाटक की सरकार ने किया था। जब कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, उस समय कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण हुआ था। हमारा मॉडल था। जब कांग्रेस और उसके सहयोगी सत्ता में आते हैं तो धूम-धाम से लड़ाइयाँ होती हैं। यहाँ छत्तीसगढ़ में क्या लड़ाई होती थी भूपेश बघेल और टी.एस. सिंहदेव के बीच? राजस्थान में अशोक गहलोत व सचिन पायलट के बीच और कर्नाटक में सिद्…




